विक्रमशिला सेतु का मरम्मत शुरू, इतने महीने में तैयार होगा बेली ब्रिज
विक्रमशिला सेतु मरम्मत की बदली रणनीति, अब बनेगा नया DPR; लागत बढ़कर 80 करोड़ तक पहुंचने की संभावना
भागलपुर-नवगछिया को जोड़ने वाले विक्रमशिला सेतु के दुरुस्तीकरण को लेकर अब पूरी रणनीति बदल दी गयी है। पहले तैयार किये गये प्राक्कलन को निरस्त कर दिया गया है और अब नये सिरे से डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है।
जानकारी के अनुसार, पुल निर्माण निगम ने करीब एक माह पहले 26 करोड़ रुपये का प्राक्कलन तैयार कर मुख्यालय भेजा था। लेकिन स्वीकृति मिलने से पहले ही रविवार रात पोल संख्या 133 के पास सेतु का स्लैब गंगा में गिर गया। इस बड़ी घटना के बाद पुरानी मरम्मत योजना पूरी तरह अप्रासंगिक हो गयी।
अधिकारियों का कहना है कि अब सेतु की मरम्मत पर 75 से 80 करोड़ रुपये तक खर्च आने की संभावना है। इससे परियोजना की तकनीकी और प्रशासनिक चुनौती भी काफी बढ़ गयी है।


सूत्रों के मुताबिक, सेतु के 13 से अधिक पिलरों के पास बने एक्सपेंशन ज्वाइंट में दरारें काफी बढ़ चुकी हैं। गैप बढ़ने के कारण कई स्थानों पर बेरिंग भी क्षतिग्रस्त हो गये हैं, जिससे पुल की संरचना पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।
एनएच के मुख्य अभियंता संजय भारती ने बताया कि पुल की वर्तमान स्थिति का विस्तृत तकनीकी आकलन किया जा रहा है। इसके आधार पर नया प्राक्कलन और डीपीआर तैयार किया जायेगा। उन्होंने कहा कि अगले तीन माह के भीतर सेतु को दुरुस्त करने की दिशा में काम शुरू करने की योजना बनायी गयी है।

