लकवे से पीड़ित लोगों के जीवन को आसान बनाने के लिए गूगल ने एक लाख स्मार्ट होम डिवाइस पीड़ितों को देने का फैसला किया है। रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी का कहना है कि चलने फिरने में असमर्थ लोगों को गूगल का होम मिनी डिवाइस दिया जाएगा जिससे घर पर उनके जीवन को बेहतर बनाया जा सकेगा।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!निजी बातें सुनने को लेकर काफी विवादों में हैं ये डिवाइस
क्रिस्टोफर एंड डाना रीव फाउंडेशन के एंबेसडर गैरिसन रेड जो पिछले 20 सालों से चलने फिरने में असमर्थ है ने अपने ब्लॉग पोस्ट से कहा कि यह डिवाइस ऐसे लोगों के जीवन में काफी बदलाव ला सकते हैं जो चलने के लिए व्हीलचेयर पर निर्भर होते हैं। उन्होंने आगे कहा कि जब आप लकवाग्रस्त हो जाते हो तो आपका घर ही आराम करने के लिए सबसे सुरक्षित स्थान होता है।


लाइट के स्विच हो या थर्मोस्टेट यह सभी काफी ऊंचाई पर लगे होते हैं और अगर ऐसे में स्मार्टफोन कहीं गिर जाए तो पीड़ित मदद के लिए अपने दोस्तों और परिजनों को कॉल करने में भी असमर्थ हो जाता है। रेड ने कहा कि ऐसी स्थिति में गूगल के स्मार्ट डिवाइस परेशानियों को काफी हद तक कम करने में मददगार साबित होंगे।
रेड लिखते हैं कि इसके लिए सबसे पहले गूगल होम मिनी को थर्मोस्टेट या अन्य उपकरणों से कनेक्ट करना होगा। इसके बाद हम सिर्फ ‘हे गूगल’ बोलकर इसे कंट्रोल कर सकेंगे और अपनी सुविधानुसार इन्हें ऑन-ऑफ कर सकेंगे। इसके अलावा सबसे जरूरी बात यह है कि इमरजेंसी में इस डिवाइस के जरिए आसानी से दोस्तों, रिश्तेदारों और पुलिस को भी कॉल लगाया जा सकता। डिवाइस को हम दूर से भी आवाज के जरिए आदेश दे सकते हैं।

वैसे तो ये स्मार्ट डिवाइस चोरी-छुपे लोगों की निजी बातें सुनने को लेकर काफी विवादों में हैं, लेकिन यह तकनीक उन लोगों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है जो लोग चलने में असमर्थ है। यह तकनीक ऐसे लोगों के लिए कई सारे रास्ते खोल देती है।
केबल प्रोवाइडर भी कोमकास्ट में अब आई-कंट्रोल फीचर जोड़ रहे हैं, जिसे दिव्यांग अपने आखों के इशारों से कंट्रोल कर सकेगा। इसके जरिए यूजर वो सभी काम कर सकेगा जो रिमोट से किए जा सकते हैं। आई-कंट्रोल फीचर के जरिए यूजर गाइड, साउंड रिकॉर्डिंग और मेनू नेविगेट करने में मदद करता है।
