खलीफाबाग चौक स्थित एचडीएफसी बैंक के नीचे गुरुवार को शाह मार्केट के मोबाइल विक्रेता मो. नाज के स्टाफ से 94 हजार रुपए कैश छीन लेने के मामले का शनिवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया। मोबाइल शॉप का स्टाफ ही लुटेरा निकला।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!उसने 94 हजार रुपए की प्लास्टिक किसी को थमा दिया था और छिनतई की वारदात का रंग दे दिया था। इस मामले में पुलिस ने मोबाइल शॉप के स्टाफ मो. जावेद को जालसाजी और अमानत में खयानत करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस उसे रविवार को कोर्ट में पेश करेगी। पुलिस ने मो. नाज के मोबाइल के वाइस रिकार्डर को भी सबूत के तौर पर लिया है, जिसमें उसने ने घटना से पहले तीन बार प्लास्टिक में रखे कैश के बारे में पूछा था। पुलिस को यकीन है कि मो. जावेद ने ही किसी जानकार को रुपए दे दिया है। कैश के बारे में वह इसलिए जानना चाहता था कि हिस्सा में अगला उसे कहीं कम कैश न दे।

सिटी डीएसपी राजवंश सिंह के नेतृत्व में गठित जांच टीम ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर फर्जी छिनतई-कांड के मुख्य षड्यंत्रकर्ता स्टाफ मो. जावेद अकरम को ही माना। इसके बाद पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी कर ली। मो. जावेद ने घटना के बाद दर्ज एफआईआर में बताया था कि उससे किसी अंजान व्यक्ति ने रुपए वाली प्लास्टिक छीन ली थी और देवेंद्र जलपान के रास्ते भागने में सफल रहा था। लेकिन फुटेज में मो. जावेद का झूठ पुलिस ने पकड़ लिया। डीएसपी ने बताया कि मो. जावेद पर शुरू से ही पुलिस को शक था। लेकिन उस वक्त कोई पुख्ता सबूत नहीं रहने पर मो. जावेद के आवेदन पर अज्ञात पर एफआईआर दर्ज की गई थी।
खलीफाबाग चौक स्थित एचडीएफसी बैंक के नीचे गुरुवार को घटी थी घटना
घटना का खुलासा करते डीएसपी राजवंश सिंह व पुलिस की गिरफ्त में मोबाइल दुकानदार का स्टाफ मोहम्मद जावेद अकरम।
कहानी बना कर पुलिस को उलझाना चाहा

सिटी डीएसपी ने बताया कि फुटेज देखने के बाद मो. जावेद पूर्व की कहानी से पलट गया। उसने फिर नई कहानी बताकर पुलिस को उलझाने की कोशिश की। लेकिन पुलिस को उसके कहानी पर विश्वास नहीं हुआ, फुटेज में ऐसी कोई कहानी नहीं दिखी। सिटी डीएसपी ने बताया कि मो. जावेद ने बताया कि बैंक में पैसा जमा कराने, जब वह आया तो नीचे सीढ़ी के पास एक व्यक्ति ने खुद को अजमेरशरीफ से आया हुआ बताकर कुछ पैसे की मांग की थी।

उसने उसे सौ रुपये दे दिए। फिर काले शर्ट में उस अंजान व्यक्ति ने उसे अगरबत्ती लाने को कहा। अगरबत्ती लाने के बाद अंजान व्यक्ति ने कहा कि बिस्मिल्ला, बिस्मिल्ला कहकर दस कदम आगे जाओ, फिर लौट जाओ। प्लास्टिक में रखा कैश दोगुना हो जाएगा। लोभ वश उसने प्लास्टिक अंजान को थमा दी। जब वापस लौटा तो वह आदमी गायब था। उसने कहा कि दुकान मालिक व पुलिस के डर से गुरुवार को गलत कहानी बताया था।
