बिहार बोर्ड का राज्य के सभी नौ प्रमंडलों में सोमवार से अपना परीक्षा भवन और क्षेत्रीय कार्यालय कार्यशील हो गया। क्षेत्रीय कार्यालय हालांकि दो साल से चल रहे थे, लेकिन अपना भवन नहीं था। अब दूर-दराज से लोगों को किसी काम के लिए बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के पटना कार्यालय में नहीं आना होगा।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!परीक्षार्थियों व शिक्षकों के लिए एप लांच
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को अधिवेशन भवन में आयोजित भव्य समारोह में रिमोट के बटन से बिहार बोर्ड की सात योजनाओं में से तीन का उद्घाटन, तीन का शुभारंभ और एक एप को लांच किया। पटना, मुंगेर, मगध, पूर्णिया, कोसी, सारण, भागलपुर, तिरहुत और दरभंगा में परीक्षा भवन सह क्षेत्रीय कार्यालयों का उद्घाटन किया गया। ये 163.55 करोड़ की लागत से बने हैं। 10.73 करोड़ से बने बोर्ड के प्रशासनिक भवन और 7.97 करोड़ से बने डाटा सेंटर का भी उद्घाटन हुआ। बिहार बोर्ड के ईआरपी सिस्टम, राज्य के विद्यार्थियों के लिए क्विज और बीएसईबी ओलंपियाड का मुख्यमंत्री ने शुभारंभ किया जबकि मैट्रिक एवं इंटर के परीक्षार्थियों व शिक्षकों के लिए बीएसईबी मोबाइल एप को लांच किया।

तेजी से करें शिक्षकों का नियोजन
समारोह में मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिया कि राज्य के सभी 2950 स्कूलों में अप्रैल से हर हाल में 9वीं की पढ़ाई आरंभ हो जानी चाहिए।
इन स्कूलों में अगले साल 10वीं, उसके अगले साल 11वीं और फिर 12वीं की पढ़ाई होनी है तो उसी के मुताबिक तेजी से काम हो। माध्यमिक-उच्च माध्यमिक स्कूलों में जिन कुछ विषयों के शिक्षक नहीं हैं, उनमें तेजी से नियोजन का कार्य कीजिए। मुख्यमंत्री ने बिहार बोर्ड को टास्क सौंपा कि अच्छे तरीके से परीक्षा लेने के साथ ही वह गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में विद्यालयों की मदद भी करे।
मैट्रिक व इंटर के विद्यार्थी अब अपने सारे काम ऑनलाइन करवा सकेंगे। इसके लिए बिहार बोर्ड ने मोबाइल एप तैयार किया है। इसपर परीक्षार्थियों को परीक्षा से संबंधित आवश्यकता सूचनाएं, नोटिस के साथ तमाम जानकारी मोबाइल पर मिलेगी।
