नगर पंचायत कार्यालय में झंडोत्तोलन के बाद रविवार को 12 बजे दिन में घर लौट रहे वार्ड 20 के पार्षद दीपक भगत का कुछ बदमाशों ने अपहरण कर लिया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!इस बात की जानकारी जैसे ही उनकी पत्नी को मिली, वह नवगछिया थाना पहुंची और पुलिस से कहा कि उनके पति का अपहरण नगर पंचायत अध्यक्ष अभिषेक रमण उर्फ टीएन यादव ने कर लिया है। थानाध्यक्ष राजकपूर कुशवाहा ने इसकी जानकारी एसपी निधि रानी को दी। एसपी के निर्देश पर तुरंत पुलिस टीम का गठन किया गया। इसके बाद टीम टीएन यादव के घर पहुंची और उसकी मां और पत्नी को हिरासत में लेकर पूछताछ की।

उधर, पुलिस की एक टीम संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी पर कुछ खास सफलता नहीं मिल पाई। कुछ देर बाद करीब एक बजे दीपक भगत खुद थाना पहुंचे और पुलिस से कहा कि उनका किसी ने अपहरण नहीं किया था। नगर पंचायत में टीएन यादव के साथ झंडा फहराने के बाद मैं खुद अपनी स्वेच्छा से कटिहार गया था। इसके बाद पुलिस ने टीएन यादव की मां और पत्नी को छोड़ दिया।
लेकिन पुलिस का मानना है कि अपराधियों के भय से दीपक भगत किसी पर आरोप नहीं लगा रहे हैं। एसपी के निर्देश पर पुलिस ने खुद के बयान पर टीएन यादव, भवानीपुर निवासी कुख्यात कुमोदी यादव व पकरा निवासी पूर्व प्रमुख मनकेश्वर सिंह उर्फ मंटू सिंह के खिलाफ दीपक भगत का अपहरण करने, क्षेत्र में अराजक स्थिति उत्पन्न के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है।

थानाध्यक्ष ने बताया कि इन लोगों के खिलाफ दीपक भगत के अपहरण करने का मामला जांच में सही पाया गया है। दीपक की पत्नी भी टीएन यादव पर आरोप लगा रही थी। दीपक सहित उनके परिजन डरे व सहमे हैं। इसलिए इनके विरुद्ध मुंह नहीं खोल रहे हैं। वहीं सूत्रों की मानें तो नवगछिया में इन दिनों नगर अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की कुर्सी को लेकर राजनीति परवान पर है। इसी क्रम में दीपक भगत का अपहरण किया गया था।

दीपक भगत के अपहरण मामले में नगर पंचायत उपाध्यक्ष अभिषेक रमण उर्फ टीएन यादव, कुमोदी यादव व मानकेश्वर सिंह उर्फ मंटू सिंह के विरुद्ध नवगछिया टाउन थाना में मौके पर मौजूद पुलिस पदाधिकारी के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस मामले में तीनों की भूमिका सामने आ रही है। जांच के बाद पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी। –निधि रानी, एसपी, नवगछिया
