भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के जूनियर छात्रों ने बुधवार देर रात सीनियर छात्रों पर रैगिंग का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया था। गुस्साए छात्रों ने जीरोमाइल के पास एचएच 80 को जाम कर दिया था। हंगामा कर रहे छात्र रैगिंग के आरोपी सात छात्रों पर प्राथमिकी के आश्वासन के बाद शांत हुए थे। लेकिन अगले दिन शुक्रवार को जूनियर छात्रों ने प्राथमिकी का आवेदन वापस ले लिया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!जीरोमाइल थानाध्यक्ष ने बताया कि छात्रों ने आवेदन दिया था, लेकिन बाद में वापस ले लिया। देर शाम तक प्राथमिकी के मुद्दे पर छात्र एकमत नहीं थे। थानाध्यक्ष ने कहा कि हंगामा व जाम करने वाले छात्रों पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। आवेदन वापस होने के बाद कॉलेज प्रशासन, सीनियर छात्र व पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली है। मालूम हो कि बुधवार रात इंजीनियरिंग कॉलेज के 150 छात्र हॉस्टल में रैगिंग का आरोप लगाते हुए सड़क पर उतरे थे। छात्र प्राथमिकी दर्ज करने व दोषियों पर कार्रवाई की मांग पर अड़े थे। इस घटना से कैंपस में कॉलेज प्रशासन की ओर से रैगिंग रोकने के लिए उठाए गए कदम पर सवाल उठ रहे हैं।

कैंपस में पहले भी उठा था रैगिंग का मामला
इंजीनियरिंग कॉलेज कैंपस में रैगिंग के मामले पहले भी सामने आये हैं। ज्यादातर मामलों में शिकायतकर्ता सामने नहीं आए या तो लिखित आवेदन को तैयार नहीं हुए। 16 सितंबर 2016 को अज्ञात छात्र की ओर शिक्षा विभाग के एंटी रैगिंग सेल में शिकायत की गई थी। कॉलेज के प्राचार्य को जांच की जिम्मेदारी दी गई थी। मामले की दो दिनों तक पड़ताल हुई थी, लेकिन कोई व्यक्ति सामने नहीं आया था। 30 मार्च 2017 को छात्राओं ने सीनियर्स पर रात में रैगिंग का आरोप लगाया था। अगले दिन जांच के लिए लिखित आवेदन से छात्राएं मुकर गई थीं।
कोट
छात्रों की ओर से रैगिंग के संबंध में हमें कोई लिखित या मौखिक शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलेगी तो मामले में कार्रवाई होगी।
निर्मल कुमार, प्राचार्य
ये है एंटी रैगिंग हेल्प लाइन
Anti-Ragging & Anti-Racial Abuse Helpline :
1800-180-5522
helpline@antiragging.in
