एसिड अटैक पीड़िता को अब मदद की दरकार है। उनका इलाज बनारस के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। भागलपुर से लेकर बनारस तक इलाज पर अब तक चार लाख से अधिक खर्च हो चुके हैं। अभी तक प्रशासन व सामाजिक संगठन के लोगों की ओर से कोई मदद नहीं मिली है। .
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!पीड़िता के चाचा ने बताया कि सोमवार की दोपहर भाई से बात हुई थी। भतीजी की स्थिति में सुधार हो रहा है। पूरा परिवार अबतक इलाज कराया है। लेकिन अब और रुपये की जरूरत है। इस कारण अब सांत्वना नहीं, मदद की भी दरकार है। लोगों की मदद व दुआ से उनकी भतीजी ठीक हो सकती है। .

आसपास का माहौल शांत पर परिजन गमगीन: पीड़िता के घर का माहौल सोमवार को गमगीन था। घटना से परिजन स्तब्ध हैं। घर पर पीड़िता के दो चाचा, चाची व भाई मौजूद थे। सोशल मीडिया पर मदद की लगाई गुहार: शहर के कई लोगों ने सोशल मीडिया पर पीड़िता के पिता का बैंक अकांउट नंबर देकर मदद की गुहार लगाई है। शिक्षक नेता सुप्रिया सिंह व इंजीनियर अमित कुमार उपाध्याय ने फेसबुक पर समाजसेवी, व्यापारी, राजनीतिक दल के साथ शहर के लोगों से अपील करते हुए कहा है कि आपकी थोड़ी मदद से एक बेटी की जिंदगी बच सकती है। सुमित प्रकाश ने लोगों से दुआ की अपील की है। .

‘ परिजनों ने कहा, अबतक इलाज पर चार लाख हो चुके हैं खर्च.
‘ पीड़िता की जिंदगी बचाने के लिए लोगों से मदद की अपील .
‘ पीड़िता के चाचा ने बताया कि सोमवार दोपहर में भाई ने बताया कि कुछ सुधार हुआ है.
पीड़िता को इंसाफ दिलाने के लिए सोमवार को बनी एक्शन कमेटी में डॉ. अजय कुमार सिंह को अध्यक्ष, गौतम सुमन को कार्यकारी अध्यक्ष, नीशु सिंह को सचिव, चंदू टिबड़ेबाल को कोषाध्यक्ष बनाया गया है। जबकि सामाजिक व सांस्कृतिक कमेटी की अध्यक्ष उषा सिन्हा व शैलेश सिंह को सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गयी है। दूसरी ओर संगठन प्रहरी ने सात सूत्री मांगों को लेकर डीएम को मांग पत्र सौंपा। डॉ. अजय सिंह की अध्यक्षता में शिष्टमंडल ने पत्र में पीड़िता की मुफ्त चिकित्सा, नौकरी देने, 25 लाख मुआवाजा, एसिड कारोबारियों पर निगरानी, फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन, बदमाशों पर कार्रवाई, अनुसंधान की जानकारी देने की मांग की।
