लखीसराय में दिलदहलाने वाली घटना घटी है। बेटे की चाह में एक के बाद एककर चार बेटी के होने पर बाप बना हैवान। पत्नी से झगड़े के बाद बाप ने अपनी चार बेटियों को पुल से नीचे फेंक दिया। घटना में एक बेटी की मौत मौके पर ही हो गई, जबकि चार गंभीर रूप से घायल हो गई। सभी घायलों को सदर अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद पीएमसीएच पटना रेफर कर दिया गया। घटना सोमवार की देर रात की बताई जा रही है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बार-बार बेटी होने को लेकर कलह करता था
जानकारी के मुताबिक हलसी थाना क्षेत्र के रामदिर निवासी नंदू यादव और उसकी पत्नी सुलेखा देवी में बेटे का जन्म नहीं होने और बेटे की चाह में बार-बार बेटी होने को लेकर कलह होता था। बीते दिनों इसी बात पर विवाद होने पर नंदू ने अपनी पत्नी के साथ मारपीट भी की। पति के रवैये से परेशान सुलेखा अपने मायके दामोदरपुर चली गई। दामोदरपुर जमुई जिले के सिकंदरा प्रखंड अंतर्गत पड़ता है।

मायके में जहर देकर मारने की कोशिश की
सुलेखा ने बताया कि झगड़े के कुछ दिनों बाद उनके पति सभी चार बेटियों को लेकर मायके पहुंचे और वहां छोड़कर चले गए। नंदू सोमवार की रात फिर सुलेखा के मायके पहुंचा और सभी बच्चों को जहर देकर मारने की कोशिश की। सुलेखा और उनके परिजनों ने विरोध किया तो नंदू दो बच्चों को अपने सीने से और दो बच्चों को पीठ पर बांधकर कहीं निकल पड़ा। बाद में पता चला कि एक निर्माणाधीन पुल से उसने सभी बच्चों को बारी-बारी कर फेंक दिया। घटना के बाद आसपास के लोगों की भीड़ जुटी तो नंदू वहां से फरार हो गया।

सभी बच्चियों की उम्र दो से पांच वर्ष
बाप की क्रूरता का शिकार हुई सभी बच्चियों की उम्र दो से पांच वर्ष है। सबसे छोटी दो वर्षीय भवानी कुमारी की मौत हो गई है। वहीं तीन वर्षीय करिश्मा, चार वर्षीय प्रीति और पांच वर्षीय प्रियंका गंभीर रूप से घायल है। सभी घायलों का इलाज सदर अस्पताल में हुआ। बच्चियों की गंभीर हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया। सुलेखा ने बताया कि सिर्फ बेटी जनने पर नंदू ने यह कदम उठाया। इसको लेकर वह बार-बार उनसे मारपीट किया करता था।
उधर तीन बेटियों के जीवित होने की खबर पर जब उसका बाप नंदू अस्पताल में फिर हमला करने पहुंचा तो अस्पताल में मौजूद लोगों ने खदेड़ दिया। भाग रहे पिता को सदर अस्पताल परिसर में लोगों ने पकड़कर कबैया पुलिस के हवाले कर दिया।
