भागलपुर. अगर आपके घर में घरेलू नौकरानी या दाईं है तो उसका जल्दी से पुलिस वेरीफिकेशन करा लें। हाल में मशाकचक में बीएन कॉलेज के डिमांस्ट्रेटर अनुपम आनंद वर्धन के घर हुए 15 लाख के लूट में घरेलू नौकरानी मीना संदिग्ध पाई गई है। वह कुख्यात बदमाश मो. छोटू की मां है। लूट में मीना की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। मकान मालिक ने मीना का पुलिस वेरीफिकेशन नहीं कराया था, इस कारण उसके बेटे की हरकतों से वे लोग अंजान थे।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!नौकरानी रखने से पहले संबंधित थाने को इसकी सूचना जरूर दें। नौकरानी का आधार कार्ड, फोटो, उसका वर्तमान और स्थाई पता की जानकारी पुलिस को दे, ताकि पुलिस उसकी जांच कर सके। घरेलू दाई आपकी संपत्ति की सूचनाएं चोरों तक पहुंचा रही हैं। यहीं नहीं, किस घर में कितना कैश और जेवर है। उस घर के मालिक कब बाहर गए हैं, कब आएंगे, यह भी दाइयां चोरों को बता रही है।

शातिर मंटू यादव चलाता है नौकरानी गैंग
भागलपुर शहर का कुख्यात चोर मंटू यादव नौकरानी गैंग चलाता है, जिनका नेटवर्क भागलपुर से लेकर दिल्ली तक फैला है। भागलपुर की सात नौकरानियों को दिल्ली पुलिस ने 50 लाख के जेवर चोरी मामले में गिरफ्तार किया था। बरारी पुलिस के समक्ष मंटू ने खुलासा किया था कि उसके गैंग में सात घरेलू दाई है, जो बरारी, तिलकामांझी, आदमपुर, इशाकचक, बबरगंज इलाके में घरों में चौका-बरतन का काम करती है। ये घरेलू दाइयां सूने घरों के बारे में मंटू को सूचनाएं देती है। किस घर के मालिक नहीं है, वे कब तक लौटेंगे, उसके बारे में दाइयों को आसानी से पता चल जाता है। दाइयों की सूचना पर गैंग सूने घर को निशाना बनाता है।
गाजीपुर बस डिपो से गिरफ्तार हुई थीं भागलपुर की सात नौकरानियां
दिल्ली पुलिस ने सात घरेलू नौकरानियों को 25 नवंबर 2017 को गाजीपुर बस डिपो से गिरफ्तार किया था। सभी महिलाएं भागलपुर की रहने वाली थी, जो दिल्ली में रह कर घरेलू दाई का काम करती थी। इनके पास से दिल्ली पुलिस ने एक करोड़ रुपए का सोना-चांदी और हीरे के जेवर बरामद किये थे। दिल्ली के पॉश इलाके ग्रेटर कैलाश, न्यू फ्रेंडस कॉलोनी, मियावली, हौजखास, राजौरी गार्डन और नोएडा में हुए चोरी की नौ बड़े मामलों में इन भागलपुर की महिलाओं की संलिप्तता का खुलासा हुआ था। नौ में पांच बड़े चोरी की वारदात की जांच का जिम्मा दिल्ली पुलिस ने वहां के क्राइम ब्रांच को दिया था। दिल्ली पुलिस ने भागलपुर में भी इस सिलसिले में छापेमारी की थी।

भागलपुर से चोरी करने दिल्ली जाती हैं महिलाएं
भागलपुर की गिरफ्तार नौकरानियों ने खुलासा किया था कि सिर्फ चोरी करने के लिए वे लोग दिल्ली जाकर अमीर लोगों के घरों की नौकरानियां बनती हैं। साल-छह माह तक ईमानदारी पूर्वक काम कर अपने मालिक का विश्वास जीत लेती हैं और फिर मौका पाकर घर में चोरी करती हैं। इसके बाद ये लोग भाग कर भागलपुर चली आती है। जिस इलाके में एक बार ये लोग काम करती है, उस इलाके में दोबारा नहीं जाती है। इस कारण ये पकड़ी नहीं जाती है। दिल्ली से चुराए गए जेवरों को भागलपुर के सोनापट्टी में लाकर बेचती है।
घरों में जोड़ों में करती हैं काम
ये नौकरानी चोर गिरोह जोड़ों में घरों में नौकरी करती है। एक महिला घरेलू कामकाज में, जबकि दूसरी महिला अलमारी व अन्य जगहों पर लगे ताले को तोड़ने में माहिर रहती है। चोरी किए गए गहने व अन्य कीमती सामान को साड़ी या शॉल में छिपा कर आसानी से घर से बाहर निकल जाती है। इन गैंग की महिलाएं जौहरी के कम नहीं है। इन्हें गहने पहचानने में भी महारथ हासिल रहता है। ये केवल असली सोने और हीरे के गहने चुराती है।
