राज्य के हाईस्कूलों में सरप्लस शिक्षकों का तबादला नजदीक के जरूरत वाले स्कूलों में किया जाएगा। सरप्लस शिक्षकों का स्थानांतरण अपने नियोजन इकाई के अंतर्गत ही किया जाएगा। कुछ स्कूलों में सरप्लस, जबकि कुछ में शिक्षकों की घोर किल्लत को देखते हुए शिक्षा विभाग ने नियोजन नियमावली 2006 के तहत माध्यमिक शिक्षकों के रेशनेलाइजेशन को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!विभाग के उप सचिव द्वारा सोमवार को जारी अधिसूचना के मुताबिक अब हाईस्कूलों में छह शिक्षकों यथा हिन्दी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान एवं द्वितीय भाषा विषयों के ही शिक्षक पदस्थापित रहेंगे। जिन माध्यमिक स्कूलों में पूर्व से शारीरिक शिक्षक का पद सृजित हैं, वहां छह विषय शिक्षकों के साथ एक शारीरिक शिक्षक भी पदस्थापित होंगे।

एक कक्षा में 60 बच्चों से अधिक नामांकन होने पर सेक्शन बनाया जा सकता है। एक शिक्षक रोजाना कम से कम दो घंटी लेंगे। यदि किसी विषय में तीन से अधिक शिक्षकों की जरूरत होगी तो डीईओ के माध्यम से निदेशक माध्यमिक से अनुमोदन लेने पर ही पद सृजन अथवा पदस्थापन किया जा सकेगा। गौरतलब है कि अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि माध्यमिक कक्षाओं का मानक और इसके संचालन में परिवर्तन हुआ है।
शिक्षक नियोजन नियमावली लागू होने के पूर्व मानक मंडल 8 (सहायक शिक्षक) एवं 1 हेडमास्ट अथवा 9 प्लस एक था। मगर अब यह छह शिक्षकों का है। माध्यमिक कक्षाओं के संचालन में भी बदलाव हुआ है। पहले हाईस्कूलों में कक्षा 6 से 10 की पढ़ाई होती थी पर अब केवल इसमें नौवीं और 10वीं की पढ़ाई होती है। इसी के अनुरूप शिक्षकों का पद सृजित है।
