भागलपुर : समाहरणालय संवर्ग चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी की बहाली के नाम पर ठगी का धंधा शुरू महिला हुई शिकार

भागलपुर / पटना

समाहरणालय संवर्ग चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी की बहाली के नाम पर ठगी का धंधा शुरू हो गया है। बहाली जिला स्तर पर होनी है। लेकिन ठगी करनेवाले गिरोह पटना में है और वहीं से नियुक्ति पत्र बांटा जा रहा है। इसके लिए अभ्यर्थियों से सिक्योरिटी मनी के रूप में 40 हजार रुपए वसूले जा रहे हैं। इसका खुलासा गुरुवार को तब हुआ, जब खगड़िया के पसराहा थाने के महोद्दीपुर की महिला मनीषा कुमारी अपने पति के साथ कलेक्ट्रेट पहुंची।

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उसके पास नियुक्ति पत्र था। उसे देखकर कर्मचारी अचंभित हो गए। महिला ने बताया कि उसे स्पीड पोस्ट से नियुक्ति पत्र मिला है। कर्मचारी ने सबसे पहले उस पत्र की फोटो कॉपी करके रख लिया। इसके बाद बताया कि यहां अभी बहाली नहीं चल रही है। यह पत्र फर्जी है। इसकी जानकारी जिला के अफसर को दी गई और उन्होंने इस मामले को संज्ञान लिया। अब उस महिला को बुलाकर पूछताछ की जाएगी कि पत्र कहां से और किसने भेजा है। इसके बाद पत्र भेजनेवाले व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।

जानिए, भेजे गए फर्जी नियुक्ति पत्र में क्या है

पत्र बिहार स्टॉफ सलेक्शन कमीशन के लेटर हेड पर भेजा गया है। उस पर मुख्य आयुक्त डॉ. डीके शर्मा का नाम व हस्ताक्षर है। जबकि कमीशन में इस नाम का कोई पदाधिकारी नहीं है। इसमें प्रशिक्षण पदाधिकारी संतोष कुमार तिवारी का भी नाम है। लेकिन ये कौन है, इसका पता किसी भी अफसर को नहीं है। भेजा गया पत्र चार पन्नों का है। इस पर एप्वाइंटमेंट लेटर ऑफ वेरिफिकेशन डिपार्टमेंट लिखा हुआ है। नियुक्ति पत्र के रूप में इसमें कंडीडेट का नाम मनीषा कुमारी अंकित है। इसमें कहा गया है कि यह आवेदन पत्र आयुक्त कार्यालय भागलपुर की मुख्य शाखा पटना सीधी भर्ती बोर्ड (दस्तावेज जांच विभाग) पटना, बिहार द्वारा भेजा गया है।

आवेदक भागलपुर जिले में रिक्त पदों पर (चतुर्थ वर्गीय पैनल निर्माण) के पद पर नियुक्ति के लिए आवेदन दिया गया था। आवेदक का परिणाम नकारात्मक रहा था। चूंकि विभाग द्वारा 153 दावा आपत्ति की औपबंधिक मेधा सूची तैयार की है। इसलिए पैनल निर्माण चतुर्थ वर्गीय अनुच्छेद के तहत आवेदक को सीधी भर्ती द्वारा पैनल निर्माण पद पर सरकारी नियुक्ति के लिए चयन किया गया है। इसलिए भविष्य में आवेदक को किसी प्रकार की परीक्षा व साक्षात्कार का सामना नहीं करना पड़ेगा। आवेदक को तीन माह का प्रशिक्षण दिया जाएगा। आवेदक को सिक्योरिटी 40,238 हजार रुपए दो दिनों के अंदर जमा करने पर ही जांच टीम प्रशिक्षण पत्र सौंपेगा। इसमें नियम व शर्त और शपथ पत्र का फार्म भी दिया गया है।

हकीकत में बहाली के लिए होना ये है

समाहरणालय संवर्ग में चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों की बहाली की प्रक्रिया चल रही है। बहाली जिलास्तर पर ही होनी है। इसके लिए 18 हजार 131 आवेदन आए हैं। इसके लिए अधिकतम आयु 37 साल है। 1 जनवरी 2016 को अभ्यर्थियों की आयु 37 साल होने पर उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। पैनल की प्रक्रिया हाईकोर्ट के मार्गदर्शन में किया जाएगा। इसमें सामान्य के लिए 37, सामान्य महिला के लिए 38, ओबीसी के लिए 40 और एससी-एसटी के लिए 42 साल की उम्र में प्राथमिकता के आधार पर रखी गई है। यह प्रक्रिया 2016 से चल रही है। संभावना जताई जा रही है कि इसमें अभी तीन माह और लगेंगे। पहली बार उम्र के आधार पर क्रमांक का प्रकाशन किया जा चुका है और जिला की वेबसाइट पर अपलोड किया गया। इसके बाद आपत्ति ली गई और फिर उसे भी वेबसाइट पर लोड किया गया है।