राज्य में अब ‘बैचलर इन हॉस्पिटल मैनेजमेंट’ की पढ़ाई हो सकेगी। कोई भी शिक्षण संस्थान यह कोर्स शुरू कर सकेगा, क्योंकि राज्य सरकार के निर्णय के बाद आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय(एकेयू) के अकादमिक परिषद ने इस कोर्स के लिए बनाए गए रेगुलेशन और ऑर्डिनेंस को मंजूरी प्रदान कर दी है। ‘बैचलर इन हॉस्पिटल मैनेजमेंट’ कोर्स साढ़े चार वर्ष का पारा मेडिकल कोर्स होगा।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!इसमें दाखिले के लिए इंटरमीडिएट पास होना अनिवार्य है। बिहार में पहली बार कोई विश्वविद्यालय यह कोर्स संचालित करने जा रहा है। अब नए सत्र से कोई भी शिक्षण संस्थान आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय से संबद्धता लेकर इस कोर्स में नामांकन ले सकता है। लेकिन संस्थान को इस कोर्स के लिए संबद्धता लेनी होगी। आर्यभट्ट ज्ञान विवि अकादमिक परिषद की बैठक कुलपति प्रो. एके अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई। जिसमें प्रतिकुलपति, रजिस्ट्रार आदि शामिल हुए।

इंजीनियरिंग कॉलेजों का सिलेबस भी बदला : विश्वविद्यालय से संबंद्ध इंजीनियरिंग कॉलेजों का सिलेबस भी नए सत्र से बदल जाएगा। इसकी मंजूरी भी विश्वविद्यालय अकादमिक परिषद ने दे दी है। सभी आठों सेमेस्टर का सिलेबस बदला गया है। नए सत्र से बदले हुए सिलेबस से ही पढ़ाई होगी। गौरतलब है कि एआईसीटीई ने बीटेक सिलेबस को संशोधित किया है। संशोधित सिलेबस ही देशभर के इंजीनियरिंग कॉलेजों में पढ़ाया जाना है। इसमें विश्वविद्यालयों को छूट दी गई थी कि वे स्थानीय स्तर की जरूरतों के हिसाब से 20 प्रतिशत तक सिलेबस में बदलाव कर सकते हैं। इसके लिए आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय ने आईआईटी और एनआईटी के शिक्षकों की एक समिति बनाई थी। इसी समिति ने नए सिलेबस की अनुशंसा की थी, जिसे अकादमिक परिषद ने मंजूर कर लिया है। एआईसीटीई द्वारा तय सिलेबस में पांच से 10 प्रतिशत तक बदला गया है।

कई और निर्णय हुए
अकादमिक परिषद की बैठक में कई और निर्णय हुए। बैठक में तय हुआ कि इंजीनियरिंग से पीएचडी करनेवाले अपना आधा कोर्स वर्क ‘स्वयं’ पोर्टल से करेंगे। वहीं आधा कोर्स वर्क विश्वविद्यालय से करना होगा। शिक्षा में पीएचडी करने के लिए राज्य में दो सेंटर तय किए गए हैं। ये दोनों सेंटर सेंट जेवियर्स कॉलेज ऑफ एजुकेशन(पटना) और हरिनारायण सिंह कॉलेज ऑफ एजुकेशन(सासाराम) होंगे। यहां से एजुकेशन में पीएचडी होगा। परषिद ने पीएचडी के कॉमन प्रोसेस को भी अनुमोदित कर दिया। कॉमन प्रोसेस को राजभवन से पहले ही मंजूर मिल चुकी है।
ये फैसले भी लिए गए
– नए सत्र से कोई भी संस्थान विवि से संबद्धता लेकर इस कोर्स में दाखिला दे सकता है
– विवि के अकादमकि परषिद ने इंजीनियरिंग के बदले हुए सिलेबस को भी दी मंजूरी
– इंजीनियरिंग से पीएचडी करनेवाले अपना आधा कोर्स वर्क ‘स्वयं’ पोर्टल से करेंगे
