नवगछिया। नवगछिया बाजार के लोग शुक्रवार दोपहर अपने दैनिक कार्यों में लगे हुए थे। बाजार से कचहरी जाने वाली मुख्य सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लगी हुई थी। लोग आने-जाने में व्यस्त थे। एकाएक गगनभेदी विस्फोट के साथ पूरा नवगछिया थर्रा गया। लोग कुछ समझ पाते इससे पहले ही नोनियापट्टी से आग की भीषण लपटें आकाश को चूमने लगी। मुख्य सड़क पर भगदड़ मच गयी। लोग चिखते-चिल्लाने भागने लगे। नोनियापट्टी की तरफ से आने वाली सभी सड़कों पर भगदड़ मची हुई थी। महिलाएं, वृद्ध, बच्चे, चिखते-चिल्लाते सड़क पर भागते नजर आ रहे थे।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!महिला सुशीला देवी गोद में बच्ची लिए एक हाथ से अपनी वृद्ध सास को पकड़े हुए रोते हुए भाग रही थी। दूसरी तरफ कविता देवी अपनी बेटी-बेटा सहित अन्य परिवार को लिए हुए जान बचाने के लिए गोशाला के पास आकर बैठ गयी थी। एक बीमार को उसके दोनों पुत्र उठाकर सड़क पर भागते नजर आ रहे थे। जब सिलेंडर फटने लगा और अफरातफरी मचने लगी तब अफवाह फैली की गोशाला के पास पुरानी गैस गोदाम में आग लगने से सिलेंडर ब्लास्ट कर रहा है। गोशाला रोड को बंद कर दिया गया है। यह सुनकर लोग उधर से भागने लगे।
जान बचाने के लिए महादेव की शरण में गये लोग

जो लोग घर में फंस गए थे और घर के बाहर सिलेंडर के टुकड़े उड़ रहे थे तो वे लोग जान बचाने के लिए भगवान की मन्नत मांग रहे थे। योगेश संकट की इस घड़ी में भगवान महादेव को याद कर प्रलय से बचाने की आरजू कर रहा था तो विष्णु काली मैया को आवाज देकर बचाने की मांग कर रही थी।
कोई पढ़ रहा था हनुमान चालीसा
कोई संकट मिटे हरे सब पीड़ा की रट लगाकर बजरंगबली को स्मरण कर रहा था। जो घर से निकलकर आ गए थे, उन्हें घर की चिंता थी। वे शिवालयों में जाकर रो-रो कर भगवान से गुहार लगा रहे थे। संकट की घड़ी में स्थानीय जनप्रतिनिधि लोगों को घरों से निकलने में मदद कर रहे थे। चारों तरफ अफरातफरी का माहौल था। सबको अपनी जान बचाने की चिंता थी। अपनी जीवन भर की जमा पूंजी को छोड़कर हर कोई अपनी जान बचाने के लिए सड़क पर भागते नजर आ रहा था। ब्लास्ट से घबराये लोग पूछ रहे थे की गोली चल रही है क्या।
जो बाहर थे सूचना मिलने पर घर जाने को थे बेताब
घटना के समय जो बाहर थे। सूचना मिलने पर आने के बाद घर देखने के लिए जबदस्ती कर रहे थे। रास्ते में खड़े एसडीओ, एसडीपीओ विस्फोट के कारण उनलोगों को घर जाने से रोक रहे थे। एक महिला निरो देवी ने रोते हुए बताया कि घर में मेरा छोटा-छोटा पोता है। वह कहां है मुझे घर जाना है। वह बार-बार घर जाने के नाम पर अड़ी थी।
..और खो गया नन्हा मासूम, खोजने में लगे परिजन
जब लोग जान बचाने के लिए घर छोड़कर बदहवास भाग रहे थे। उस समय भागदौड़ में एक नन्हा मासूम खो गया। बच्चे को नहीं देख उसकी मां छाती पीट-पीटकर रो रही थी और कह रही थी कि मेरा बेटा छूट गया है। वहीं दूसरी महिला भी बेटे के लिए छाती पीट-पीटकर रो रही थी।
उसी समय घंटी बजाते हुए फायर बिग्रेड की गाड़ी भी पहुंची। अग्निशमन वाले पाइप निकालकर आग बुझाने की कोशिश करने में लग गए लेकिन हर दस मिनट पर सिलेंडर विस्फोट से उड़ने वाले सिलेंडर के टुकड़े के डर से आग के नजदीक कोई जाने को तैयार नहीं था। इस दौरान एसडीओ, डीएसपी सहित नवगछिया थाना से पुलिस भी पहुंची।
आसपास के घरों की छतों से आग बुझाने में लगे। फायर ब्रिगेड के लोग चारों तरफ से आग पर दो घंटे तक पानी का छिड़काव किया। इस दौरान लोगों के भी आपने-अपने घरों से फायर ब्रिगेड वालों को पानी उपलब्ध करवाया गया। इस तरह आग पर काबू पाया गया
