नवगछिया : सिलेंडर विस्फोट मामले में बीपीसीएल के सेल्स ऑफिसर ने भारत गैस एजेंसी की जांच की

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नवगछिया। नवगछिया में शुक्रवार दोपहर अवैध गैस सिलेंडर के रीफिलिंग के दौरान हुए विस्फोट को लेकर नवगछिया के भारत गैस एजेंसी संचालक देवी गैस एजेंसी के स्टॉक की जांच बीपीसीएल के सेल्स ऑफिसर मयंक राय ने की। इस मौके पर उन्होंने विशेष तौर पर कुछ नहीं कहा। स्टॉक एवं अन्य सभी तरह के कागजात का संधारण किया। मालूम हो कि वर्ष 1995 से नवगछिया मुख्य बाजार में देवी गैस एजेंसी कार्यरत है। इसके तहत यहां पर लगभग 12000 उपभोक्ता अलग-अलग प्रखंडों से सिलेंडर भरवाने के लिए आते हैं।

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वर्ष 2016-17 से ऑनलाइन होने के बाद यहां पर उपभोक्ताओं में काफी गिरावट आयी है। इसके तहत यहां पर गैस की कालाबाजारी में थोड़ी रुकावट आई थी। इस एजेंसी के पास 16000 से 20,000 के आसपास उपभोक्ता थे लेकिन धीरे-धीरे अलग-अलग प्रखंडों में गैस एजेंसी खुलने के बाद लगभग 6000 उपभोक्ताओं का स्थानातरण खुद ही बीपीसीएल कंपनी ने संबंधित एजेंसी को कर दिया।

देवी गैस एजेंसी में कार्य करता था रामचंद्र साह

वर्ष 2002-03 से लेकर वर्ष 2019 तक रामचंद्र साह देवी गैस एजेंसी में कार्यरत था। इसको लेकर खुद एजेंसी के कर्मियों ने बताया कि यहां पर रामचंद्र साह सुपरवाइजर के रूप में कार्य करता था लेकिन वर्ष 2019 में वह यहां काम छोड़ दिया था। वहीं नोनियापट्टी के लगभग एक दर्जन लोगों ने बताया की देवी गैस एजेंसी की मिलीभगत से वह गैस की कालाबाजारी बड़े पैमाने पर करता है।

नवगछिया। नवगछिया बाजार की तंग गलियों में आग की भयावहता का अंदाजा शुक्रवार को सिलेंडर विस्फोट से  लगी आग के बाद चला। जब सिलेंडर के टुकड़े उड़ने लगे, आग की लपटें और धुंआ  गली में दौड़ने  लगी तो  लोगों को भागने का रास्ता नहीं  मिल रहा था। आग बुझाने के  लिए फायर ब्रिगेड की गाड़ी उस गली में नहीं पहुंच पा रही थी, जहां आग लगी थी। घटनास्थल के दोनों तरफ लंबी गली थी। दोनों गलियों के छोर पर एम्बुलेंस लगी थी, परन्तु घटनास्थल पर जाने के रास्ते नहीं थे। आग के बाद घरों में फंसे लोग रो-रोकर बचाव की गुहार लगा रहे थे लेकिन चाहकर भी वहां पहुंच पाना असंभव था।

तंग गलियों में ऊंची इमारत बनानेवालों के लिए भविष्य के लिए यह एक सबक है कि ऐसी तंग गलियों में घर नहीं बनायें, अन्यथा किसी भी समय ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।

तंग गलियों में बिना नक्शा पास के कैसे बन जाते है  मकान

नवगछिया बाजार में दो दर्जन से अधिक गलियों में आलीशान भवन बने हुए हैं। नवगछिया के नोनियापट्टी, मुशहरी पट्टी, प्रोफेसर कालोनी, मील टोला, नया टोला, बाजार की हड़ियापट्टी की कई गलियों में ऐसे मकान हैं जो बिना नक्शा के बने हुए हैं। हर घरों में सिलेंडर भरा हुआ है। जो किसी भी समय किसी बड़ी घटना का कारण बन सकता है। कहा जाता है कि इनमें आधे से अधिक मकान बिना नक्शा पास करवाये ही बनाये गये हैं।

तंग गलियों में चलता है पटाखे का कारोबार

दिवाली के अवसर पर बाजार के हड़ियापट्टी में पटाखे का भी कारोबार चलता है। जो जरा सी चिंगारी पर पूरे बाजार को तबाह करने के लिए काफी है।