नवगछिया : साहू परबत्ता में 15 जनवरी से इथेनॉल का उत्पादन शुरू.. 200 लोगों को मिलेगा रोजगार

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नवगछिया : साहू परबत्ता में 15 जनवरी से इथेनॉल का उत्पादन शुरू हो जायेगा। प्लांट का निर्माण जल्द ही शुरू हो जाएगा। बैंक में लोन की आयी समस्या के कारण प्लांट के निर्माण में कुछ विलंब हो गया है। दरअसल जमीन के अलावा एग्रो बिजनेस प्राइवेट लिमिटेड को दस करोड़ का कॉमर्शियल संपत्ति दिखानी थी। इसीलिए अब कंपनी ने चार जगहों पर जमीन को चिह्नित कर रजिस्ट्री कार्यालय में 17 लाख 21 हजार रुपये जमा करा दिया है। जो संपत्ति जल्द ही कंपनी के नाम पर हो जाएगी। निदेशक प्रीतम कुमार ने बताया कि संपत्ति जल्द ही कंपनी के नाम पर हो जाएगी। इसके बाद बैंक द्वारा लोन मिल जायेगा। प्लांट का निर्माण जल्द ही शुरू हो जाएगा। 15 जनवरी 2023 से प्लांट में इथेनॉल बनने लगेगा।

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200 लोगों को मिलेगा रोजगार

निदेशक ने बताया कि प्लांट चालू होने से इस क्षेत्र के युवाओं को रोजगार मिलेगा। कई लोग दूर-दराज क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उनके हुनर को देखते हुए यह रोजगार दिया जायेगा। कंपनी यहां सौ लोगों को सीधा नियुक्त करेगा। जबकि सौ लोग अप्रत्यक्ष रूप से कंपनी से जुड़े रहेंगे। उन्होंने बताया कि साहू परबत्ता में सात एकड़ तीन डिसमिल जमीन में इथेनॉल की फैक्ट्री खुल रही है। उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन यहां भूमि पूजन भी कर चुके हैं। मक्के का यहां इथेनॉल तैयार किया जायेगा। मक्के से इथेनॉल का कन्वर्जन दर गन्ने से बेहतर है, जो इन दिनों काफी प्रचलित है। इसके अलावा रेशदार बाय-प्रॉडक्ट एक शानदार पशु आहार बनाता है। निदेशक ने कहा कि यहां प्रतिदिन 155 टन मक्का का प्रोसिसिंग होगा। इथेनॉल तैयार होने के बाद इसे पेट्रोलियम कंपनी को दे दिया जायेगा। इसके लिए दस साल का समझौता भी हुआ है। इसके तहत प्लांट से 15 जनवरी 2023 से पेट्रोलियम कंपनियों को इथेनॉल की सप्लाई शुरू हो जायेगी। इस प्लांट में भी यहां बिजली का उत्पादन किया जायेगा। यहां 1.5 मेगावाट का पावर प्लांट लगेगा।

मक्का किसानों को स्थानीय स्तर पर मिलेगा बाजार

प्रीतम ने बताया कि नवगछिया, पूर्णिया, मधेपुरा, अररिया, खगड़िया आदि जगहों पर बड़े पैमाने पर मक्का तैयार होता है। यहां के किसानों को अब स्थानीय स्तर पर बाजार मिल जायेगा। पहले किसानों को मक्का बेचने के लिए विशाखापट्नम, गुजरात आदि जगहों पर व्यापारियों से संपर्क करना पड़ता था। उनसे रुपये लेने की भी एक समस्या हो जाती थी। कभी-कभी किसानों को पर्याप्त राशि नहीं दी जाती है। यहां प्लांट खुलने से ऐसी समस्या से किसानों को निजात मिल जायेगा।