नवगछिया : परिजनों द्वारा मृत घोषित कर दी गयी लड़की को रंगरा पुलिस ने किया जिंदा बरामद

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रंगरा के झल्लूदास टोला की जिस 15 वर्षीया लड़की की हत्या के आरोप में पिता ने एफआईआर दर्ज कराई थी वह एक सप्ताह पहले अपने घर लौट आई है। शनिवार को पुलिस को इसकी सूचना मिली तो वह गांव पहुंची और पीड़िता को थाने लाकर पूछताछ की। लड़की ने पुलिस को दिए बयान में कहा है कि 9 जुलाई को गांव का युवक सुबोध कुमार अपहरण कर यूपी ले गया था। दो दिन बाद उसने मुझसे जबरन वहां शादी कर ली। फिर दस दिन बाद सुबोध ने बच्चू यादव नामक एक अधेड़ व्यक्ति के हाथों मुझे बेच दिया। कुछ दिन बाद बच्चू यादव उसे प्रताड़ित करने लगा। किसी तरह उसके चंगुल से वह भाग कर घर पहुंची। पुलिस ने उसका बयान नवगछिया कोर्ट में दर्ज कराने के बाद मेडिकल जांच कराई है। फिलहाल लड़की पुलिस अभिरक्षा में है। बता दें कि 9 जुलाई को लड़की अपने घर से लापता हो गई थी। पिता ने 11 जुलाई को बेटी के अपहरण का मामला दर्ज कराया था। इसी बीच 29 जुलाई को तीनटंगा कलबलिया धार के पास एक युवती की सिर कटी लाश मिली थी। पिता और अन्य परिजनों ने कपड़े के आधार पर उसकी शिनाख्त अपनी बेटी के रूप में की थी।

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लड़की की हत्या के आरोप में 5 माह से जेल में है गांव का युवक

तीनटंगा के कलबलिया धार के पास से अज्ञात युवती की सिर कटी लाश मिलने के बाद पिता ने गांव के ही संतोष कुमार पर बेटी की हत्या का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने तीन दिन बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। संतोष पिछले पांच माह से जेल में है।

पुलिस के लिए चुनौती: धार के पास से मिली सिर कटी लाश किसकी थी

मृत घोषित लड़की के घर लौटने के बाद अब पुलिस के लिए यह पता लगाना मुश्किल है कि धार के पास मिली सिर कटी लाश किसकी थी? इस संबंध में रंगरा थानाध्यक्ष माहताब खान ने कहा कि मामले का नए सिरे से अनुसंधान होगा। पता लगाया जायेगा कि 29 जुलाई को बरामद शव किसकी थी और किसने उसकी हत्या की थी। पुलिस सुबोध व बच्चू यादव की भी तलाश कर रही है।

परिजन बोले-एक जैसा कद काठी होने से शव की शिनाख्त में हुई थी चूक

लड़की के परिजनों कहना है कि शव की शिनाख्त करने में चूक हुई थी। पिता ने बताया कि कलबलिया धार के पास से बरामद सिर कटी लाश लगभग 15 से 20 दिन पुरानी लग रही थी। उस शव से मेरी बेटी का कद काठी मिल रहा था। बेटी के कपड़े के रंग भी बरामद शव के कपड़ों से मेल खा रहे थे, इसलिए हमें लगा कि यह लाश मेरी बेटी की ही है।