नवगछिया । नवगछिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी द्वारा सरकारी कार्यक्रम में परिवार को लाभ पहुचाने के मामले में सिविल सर्जन उमेश शर्मा के द्वारा गठित पांच सदस्यीय जांच टीम ने नवगछिया पीएचसी में जाकर छह घण्टे तक जांच की। टीम में शामिलएसीएमओ भागलपुर डॉ. अंजना कुमारी, जिला टीवी पदाधिकारी डॉ. दीनानाथ, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. मनोज कुमार चौधरी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक मोहम्मद फैजान आलम अशरफी और जिला लेखा प्रबंधक विकास कुमार नवगछिया पीएचसी में आकर एक एक फाइलों का अध्ययन किया।बन्द कमरों में घण्टों जांच चलती रही।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!जांच के बाद डॉ. अंजना कुमारी ने कहा कि प्रभारी पर जो जो आरोप लगाए गए थे उनसभी बिंदुओं पर जांच की गई है।सभी फाइलों को देखा गया है और उनसे संबंधित कर्मियों से भी पूछताछ की गई है इस संबंध में विस्तृत रिपॉर्ट सिविल सर्जन को भेजा जाएगा।सदस्यो ने कुछ भी बताने से इनकार किया।
क्या था मामला :
नवगछिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉक्टर वरुण कुमार द्वारा पद का फायदा उठाते हुए सरकारी योजना के लिए मिली राशि को अपने पिता और पत्नी के खाते में ट्रांसफर करवाने की जानकारी उनके ही विभाग से मिली रिपोर्ट से मिली है। जिसमें पत्नी और पिता के खाता की पूरी जानकारी दर्ज है।बताया गया है कि पीएचसी प्रभारी ने आरबीएसके में जमकर धांधली की है। योजना में उन्होंने अपने पिता को लाभ दिलाते हुए उनके खाते में फर्जी तरीके से लाखों रुपए का भुगतान कराया गया है। अस्पताल के विकास की राशि प्राइवेट खाते में डाले जाने की बात भी सामने आई है।

