नवगछिया। यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे छात्र काफी मुसीबत में हैं। हमले के बाद वहां फंसे छात्र वतन वापसी के लिए बॉर्डर पर भी नहीं जा पा रहे हैं। डेनिको यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रही तुलसीपुर की छात्रा शालिनी प्रिया ने फोन पर अपने पिता शैलेश को बताया कि एक हजार किलोमीटर दूर रोमानिया बॉर्डर पर जाने के लिए ट्रेन में टिकट नहीं मिल पा रहा है। बस वाले ले जाने को तैयार नहीं है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!कुछ छात्र किसी तरह रोमानिया बॉर्डर पर दो दिन पूर्व ही पहुंच चुके हैं। किन्तु उन्हें वहां की आर्मी रोककर रखी एवं टॉर्चर कर रही है। वे भूखे प्यासे रो रहे हैं। बॉर्डर पर पहुंचे छात्रों ने हॉस्टल में रह रहे अपने साथियों को फोन पर यह जानकारी देते हुए बताया कि हमलोगों को बॉर्डर पर ढाल के रूप में प्रयोग किया जा रहा है, ताकि इंडियन झंडा देखकर वहां दुश्मन बमबाजी नहीं करें।
वहीं यूक्रेन में ही बुकगमस यूनिवर्सिटी में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे एक छात्र ने शालिनी प्रिया के द्वारा हिन्दुस्तान को भेजे गये एक वीडियो में बताया कि मैं बुलबास में हॉस्टल नंबर 7 में रहता हूं। जहां करीब 700 सौ विभिन्न देशों के छात्र एवं छात्रा रहते हैं। जो पिछले तीन दिनों से बंकर में छुपे हुए हैं। खाना तो दूर पानी भी काफी मुश्किल से मिल रहा है। छात्रों ने भारतीय दूतावास से इस दिशा में पहल की मांग की है।














