नवगछिया : हरिओ पंचायत के कोसी पार कहारपुर का नया टोला नवटोलिया गांव के अस्तित्व पर अब खतरा मंडरा रहा है। गांव किसी भी समय कोसी के गर्भ में समा सकता है। गांव के 40 घर के परिवारों के 100 लोग अपने आशियाने की तलाश में भटकने को मजबूर हो गये हैं। लोग अपने घर के सामान, लकड़ी, अनाज का ट्रंक, घर का अन्य सामान किसी तरह कमर व घुटने भर पानी में चलकर नाव से हटा रहे हैं। ये लोग कहां जाएंगे कोई पता नही है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!कहारपुर के ग्रामीण देवांशु सिंह, सनातन सिंह, रामविलास सिंह, चितरंजन सिंह, सन्नी सिंह आदि ने बताया कि नवटोलिया के अरुण यादव, रविशंकर यादव, विगो हरिजन व छोटे लाल रविदास का घर किसी भी समय कोसी में समा सकता है।
वही जालो रविदास, कारे रविदास, शंकर रविदास, केशो शर्मा, अजय शर्मा, उचौ शर्मा, विलास रविदास, मनोज रविदास व मदन रविदास समेत अन्य लोग अपने खून पसीने की कमाई से बने घर को तोड़कर सुरक्षित स्थानों पर ले जाने में जुटे थे। ग्रामीण कह रहे थे अब हमलोग कहां जाएंगे। कहारपुर से कटे तो नवटोलिया में बसे थे। अब हमलोगों के सिर पर छत भी नहीं रहा, कैसे जिएंगे। पीड़ितों ने कहा कि हमलोगों को प्लास्टिक एवं खाने-पीने समेत अन्य सरकारी राहत नहीं मिला तो भूखों मरने को मजबूर हो जाएंगे। इनलोगों ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।

कोसी पार सिहकुंड में पिछले कई दिनों से जारी कटाव की रफ्तार में कोई कमीं नहीं आ रही है। गांव के समीप हो रहे कटाव में शनिवार से लेकर रविवार तक फिर तीन लोगों के घर नदी में समा गये। जिनमें सुनील सिंह, कुदुस सिंह एवं वंशीधर सिंह का घर शामिल है। इससे पूर्व आठ लोगों का घर कटाव की भेंट चढ़ चुका है। नदी के जलस्तर में वृद्धि एवं उसमे तेज करंट देखकर लोगों में दहशत का माहौल व्याप्त है। ग्रामीण अलख सिंह ने बताया कि नदी पश्चिम एवं उत्तर दिशा की ओर से गांव होकर रास्ता बनाने को आतुर है। जिसे रोकना आवश्यक है। लोगों ने बताया कि अगर शीघ्र फ्लड फाइटिंग का कार्य शुरू नहीं हुआ तो इस पंचायत का नामोनिशान मिट जाएगा। कटाव में दर्जनों घर कटाव के मुहाने पर आ गये हैं। इस कारण लोग अपने घर को तोड़कर ईंट वगैरह सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं।
