नवगछिया : बिहपुर के दुधैला और खगड़िया के सलारपुर गंगा दियारा में पसराहा पुलिस और अपराधियों के बीच हुए मुठभेड़ की घटना को लेकर पसराहा पुलिस पहले से ही तैयार थी. ग्रामीण और पुलिस स्तर से मिली सूचना के अनुसार पसराहा पुलिस दल बल के साथ ट्रैक्टर से छापेमारी करने पहुंची थी. बात यह भी सामने आ रही है कि पुलिस ने सबसे पहले दिनेश मुनि के गिरोह के सक्रिय सदस्य को हिरासत में लिया और उसकी निशानदेही पर पूरी तैयारी के साथ गंगा दियारा की ओर रवाना हुई. लेकिन पुलिस को यह अंदाजा नहीं था कि दिनेश मुनि के गिरोग में अत्याधुनिक हथियार है.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!दुधैला में जब पुलिस अपराधियों के करीब थी और चारो ओर से घिरता देख घर में छुपे अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी. कहा जा रहा है अपराधियों की पहले चक्र की फायरिंग में ही थानाध्यक्ष आशीष कुमार सिंह और एक जवान दुर्गेश को गोली लग गयी थी. इसके बाद पुलिस के दूसरे जवानों द्वारा की गयी जवाबी फायरिंग में दो अपराधियों को गोली लगी जिनमें एक कि मौत हो गयी तो और एक अपराधी घायल हो गए. गोलीबारी के दौरान ही मौके से सभी अपराधी भाग गए. शहीद थानेदार आशीष कुमार सिंह सहरसा जिला के बलवाहाट ओपी सरोजा गांव निवासी गोपाल सिंह के पुत्र थे. तीन भाइयों में सबसे छोटे थे.


दिनेश मुनि पर आधे दर्जन से अधिक मामले हैं दर्ज
पसराहा थाना के आतंक के पर्याय बन चुके दिनेश मुनि पर अलग अलग थानों में आधे दर्जन से अधिक मामले दर्ज है. मालूम हो कि दिनेश मुनि गिरोह को हथियारों के जखीरा और साथियों के साथ गिरफ्तार करने के लिए ही शुक्रवार देर रात भागलपुर खगड़िया सीमा क्षेत्र के दुधेला दियारा में छपेमारी को गए थे जहाँ अपराधियों के साथ मुठभेड़ हो गयी. दिनेश मुनि के घायल होने की सूचना है. बताया गया कि दिनेश मुनि पर परबत्ता प्रखंड के मड़ैया थाना में कांड संख्या111/07, कांड संख्या110/07, कांड संख्या 103/07, कांड संख्या 33/07 पसराहा थाना कांड संख्या 77/10, चौसा थाना कांड संख्या 48/11 पसराहा थाना कांड संख्या 24 /18 में छिनतई, आर्म्स एक्ट, अपहरण जैसे कई संगीन कांडों में पुलिस के लिए वांछित है.
