नवगछिया : नंदकिशोर को किया गया हनी ट्रेप, फिर यातनाओं के साथ अपराधियों ने दी मौत -Naugachia News

Crime Reoprts

खरीक : बात सामने आ रही है कि खरीक के लोदीपुर में तात्कालिक रूप से करीब तीन वर्षों से रह रहे नंदकिशोर मंडल की हत्या के बाद यह बात सामने आ रही है कि अपराधियों ने उसे शराब और शबाब का प्रलोभन दे कर हनी ट्रेप किया था. सूत्र बताते हैं कि उसे कोसी दियारा के एक गांव में बुलाया गया था. जानकारी मिली है कि नंदकिशोर बाहर जाने के लिए तैयार हुआ. उसने नई जिन्स और शर्ट पहना फिर बिना किसी को कुछ बताये रवाना हो गया. शव को प्रथम दृष्टया देखने के बाद पुलिस पदाधिकारियों ने भी आशंका जाहिर करते हुए कहा है कि नंदकिशोर की हत्या 24 अक्तूबर की रात को ही कर दी गयी होगी.

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– दो दिन पहले ही कर दी गयी थी नंदकिशोर की हत्या
– नंदकिशोर के साथ जुड़ा था विनोद यादव का नाम, होने लगे हैं तरह तरह के सवाल

हालांकि पोस्टमार्टम रिर्पोट में हत्या के सटीक कारणों का पता चलेगा. शव को देखने से प्रतीत होता है कि नंदकिशोर को अपराधियों ने पूर्ण रूप से पहले अपने कब्जे में ले लिया है और लगातार पिटाई कर और कई तरह के यातनाओं के बाद उसकी हत्या कर दी गयी है. नंदकिशोर के शव का चेहरा पूरी तरह से सूज गया है. पुलिस एक बात स्पष्ट रूप से बता रही है कि जहां से शव बरामद हुआ वहां पर नंदकिशोर की हत्या नहीं की गयी है. स्थल पर किसी प्रकार के साक्ष्य नहीं मिलने की बात कही जा रही है और न ही नंदकिशोर के पास से कुछ बरामद किया गया है.

स्थल पर साक्ष्यों के नाम पर एक दो गुठखा के फटे हुए पैकेटों को देखा गया है. यानी स्पष्ट है कि अपराधियों ने नंदकिशोर को कब्जे में लेकर पहले इत्मीनान से कत्ल कर दिया फिर साक्ष्य छुपाने की नियत से केला बगान में शव को इस तरह से छिपा दिया कि आसानी से दिखे नहीं. केले के पत्ते से शव को पूरी तरह से ढंक दिया गया था. जब शव से र्दुगंध आने लगी तो पहले स्थानीय लोगों ने सोचा किसी मरे हुए जानवर के शव का र्दुगंध है लेकिन शुक्रवार को केले के कुछ पत्ते हट गये तो लोगों ने नंदकिशोर की लाश को उक्त स्थल पर देखा.


मौत के भय से नंदकिशोर ने गांव तो छोड़ दिया लेकिन यहां भी मौत उसका पीछा करते हुए आ गयी

नंदकिशोर एक ऐसे परिवार का सदस्य था जिसके सदस्य सधुवा गांव में दो दशक पहले शुरू हुए खूनी रंजिश में एक पक्ष का नेतृत्वकर्ता रहा है. इस रंजिश में न जाने कितनी जाने गयीं और कितने मौत के डर से पलायन कर गये. यहां पर आपसी रंजिश का सूत्रपात करने वाला सधुवा चापर गांव का ही संजीव कुमार यादव उर्फ मोती यादव है. मोती यादव फिलहाल जेल में है. मोती यादव और भक्ता मंडल के बीच पुरानी रंजिश है. भक्ता नंदकिशोर का चचेरा भाई है. इस कारण स्वभाविक रूप से नंदकिशोर सहित उसके कुछ अन्य भाई भक्ता मंडल गिरोह में सक्रिय थे.

मोती यादव गिरोह के एक अपराधी की हत्या के बाद प्रतिषोध में 15 जून 2015 को नंदकिशोर मंडल के भाई भोला मंडल की हत्या कर दी गयी थी. भोला आपसी रंजिश के दौरान हुए एक केस के सिलसिले में न्यायालय हाजरी पैरवी करने आया था और लौटने के क्रम में कटरिया स्टेशन के पास उसकी गोली मार कर हत्या कर दी गयी थी. हमेशा से भक्ता मंडल गिरोह पर मोती यादव का गिरोह भारी रहा है. लेकिन हर बार भक्ता मंडल का गिरोह मोती यादव गिरोह से प्रतिषोध का बदला लेने के फिराक में रहता था. जब भोला मंडल की हत्या हुई तो मोती यादव गिरोह के टॉप टारगेट पर नंदकिशोर मंडल था. हत्या के भव से नंदकिशोर गांव से पलायन कर गया और अपने ननिहाल लोदीपुर गांव में उसने अपना नया ठिकाना बनाया.

यहां पर सुधीर मंडल गिरोह का उसे संरक्षण प्राप्त हुआ और नंदकिशोर ने यहां अपना सिक्का जमाना चाहा. कहा जाता है कि नंदकिशोर ने दियारा के कई छोटे छोटे आपराधिक गिरोहों से मैत्री करायी तो दूसरी तरफ सुधीर मंडल के गिरोह में फूट भी डालने का काम किया. पिछले दिनों इसी गंगा दियारा में हुए दो हत्या इसी का प्रतिफल माना जा रहा है. नंदकिशोर के भाई भोला मंडल की हत्या मोती यादव गिरोह द्वारा की गयी थी. मोती यादव गिरोह को शुरूआती समय से ही राजद नेता बाहुबली विनोद यादव का संरक्षण प्राप्त था. जब पंचायत चुनाव में प्रखंड प्रमुख की कुर्सी को लेकर हुई लड़ाई परवान चढ़ने लगा तो विनोद के सभी दुश्मनों का ध्रुवीकरण हुआ और इस ध्रुवीकरण में नंदकिशोर मंडल भी शामिल था. कहा जाता है कि विनोद यादव की हत्या के दौरान हुए गोली बारी में जब एक आपराधी को गोली लगी थी तो नंदकिशोर ने ही तीन से चार अपराधियों को अपने गंगा दियारा स्थित बासा पर पनाह दिया था. विनोद यादव की हत्या के बाद नंदकिशोर मंडल को सुधीर मंडल की निशानदेही पर ही गिरफ्तार किया गया था.

सफेदपोशों के भी नाम आने की संभावना

नंदकिशोर हत्याकांड में कुछ सफेदपोशों का नाम आने की भी संभावना है. विनोद यादव की हत्या में नंदकिशोर का नाम जुड़ा होने के कारण लोग तरह तरह की चरचा करने लगे हैं. कहा जा रहा है कि इस मामले में कुछ संभावित आरोपी पिछले तीन दिनों से फरार हैं. हालांकि खरीक पुलिस मामले की छानबीन में जुट गयी है. जल्द ही इस हत्याकांड के पूरे मामले का खुलासा होने की उम्मीद है. पुलिस का दावा है कि जल्द से जल्द अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जायेगा.