नवगछिया अनुमंडल में आई गंगा व किसी नदी की बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। बाढ़ का पानी तो लोगों के घर से निकल गया है, लेकिन लोगों की परेशानी कम नहीं हुई है। पानी उतरने के बाद भी पीड़ित कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। बाढ़ के बाद जहां लोगों का घर क्षतिग्रस्त हो गया है। वहीं करोड़ों की लागत से बनीं सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। लोग अपना आशियाना बनाने में जुटे हुए हैं, लेकिन सड़क के क्षतिग्रस्त हो जाने से बाढ़ पीड़ितों के सामने आवाजाही की परेशानी उत्पन्न हो गई है। सड़क ध्वस्त होने से बाढ़ पीड़ितों के सामने स्थाई रूप से समस्या उत्पन्न हो गई है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बाढ़ से अनुमंडल के इस्माइलपुर प्रखंड में सबसे ज्यादा तबाही मची है। प्रखंड क्षेत्र में 30 करोड़ की लागत से बनी एक दर्जन सड़क इस वर्ष गंगा नदी की आई बाढ़ में क्षतिग्रस्त हो गई है। इस्माइलपुर में वर्षो के जद्दोजहद बाद इन सड़कों का निर्माण हुआ था। बाढ़ में सड़क के ध्वस्त होने से यहां के लोगों के सामने एक बार फिर से वही समस्या उत्पन्न हो गई है। प्रखंड मुख्यालय को जोड़ने वाली सड़क सहित अन्य सड़कें धवस्त हो चुकी हैं। प्रखंड के लाक्ष्मीपुर से इस्माइलपुर, परबत्ता से बांसगढ़ा, छठ्ठू सिंह टोला से इस्माइलपुर, नारायणपुर से इस्माइलपुर, चंडीस्थान से मालपुर, नवटोलिया से चंडीस्थान, चंडीस्थान से मोती टोला, केलाबाड़ी की सड़क क्षतिग्रस्त गई हैं।

ग्रामीणों ने कहा-रिंग बांध बन गया होता तो नहीं टूटती सड़कें
नारायणपुर से इस्माइलपुर जाने वाली सड़क बाढ़ में क्षतिग्रस्त हो गई है। जान जोखिम में डालकर लोग आवागमन कर रहे हैं।
असियाचक के सैकड़ों परिवारों का पलायन
सुल्तानगंज| बाढ़ और सुखाड़ की मार झेल रहे असियाचक पंचायत के सैकड़ों परिवार रोजी-रोटी के लिए पलायन कर गए हैं। पंचायत के नोनसर, करारीडीह, कसबा कुसादी आदि के लोग पलायन कर गए। कसबा कुसाही में करीब 80 घर था जो पूरी तरह खाली हो गया है। करारीडीह गांव के भी 65 परिवार पेट के लिए बाहर चले गए। असियाचक पंचायत के नोनसर के रहने वाले राजकिशोर सिंह, रामानंद सिंह, सुदेश्वर सिंह, गिरजानंद सिंह, धर्मराज सिंह, रामानंद सिंह, पारस सिंह, देवतानंद सिंह, संजय सिंह, राजेंद्र सिंह आदि ऐसे दर्जनो घर है जो खेतीबारी पर निर्भर था। आखिरकार रोजी रोटी की तलाश में पलायन कर गए।
2016 में आई बाढ़ के बाद सड़कों की हुई थी मरम्मत
ये सभी सड़कें वर्ष 2016 में आई बाढ़ के बाद मरम्मत हुई थीं। सड़कों के क्षतिग्रस्त होने से इस्माइलपुर प्रखंड के लोग दस वर्ष पीछे चले गए हैं। इस्माइलपुर के रूपेश मंडल, अवधेश शर्मा आदि कहते हैं कि सड़क के क्षतिग्रस्त हो जाने से अब आवागन में काफी असुविधा हो रही है। उन्होंने कहा कि रिंग बांध का निर्माण हो गया होता तो हमलोगों को न तो बाढ़ की विभीषिका झेलनी पड़ती न ही करोड़ों की लागत से बनी सड़कें खराब होतीं।
इस्माइलपुर की ये सड़कें हो चुकी हैं ध्वस्त
2 करोड़ की लागत से बनी लाक्ष्मीपुर से इस्माइलपुर सड़क
11 करोड़ की लागत से बनी परबत्ता से बांसगढ़ा जाने वाली सड़क
3 करोड़ से बनी छठ्ठू सिंह टोला से इस्माइलपुर जाने वाली सड़क
3 करोड़ से बनी नारायणपुर से इस्माइलपु जाने वाली सड़क
1.20 करोड़ से बनी चंडीस्थान से मालपुर जाने वाली सड़क
1.20 करोड़ से बनी नारायणपुर से मालपुर जाने वाली सड़क
1.25 करोड़ से बनी नवटोलिया से चंडीस्थान जाने वाली सड़क
2 करोड़ से बनी चंडीस्थान से मोती टोला जाने वाली सड़क
1.50 करोड़ से बनी चंडीस्थान से केलाबाड़ी जाने वाली सड़क
1.50 करोड़ की लागत से बनी केलाबाड़ी की सड़क
3 करोड़ से बनी छठ्ठू सिंह टोला से नवटोलिया जाने वाली सड़क
