नवगछिया । नवगछिया में लगातार हो रही बारिश के बीच गंगा नदी में कटाव भी शुरू हो गया है। रंगरा प्रखंड के तीनटंगा दियारा पंचायत के ज्ञानी दास टोला में एक बार फिर कटाव शुरू हो जाने से ग्रामीणों की नींद उड़ गई है। जल संसाधन विभाग के लाख कोशिशों के बावजूद कटाव रोक पाना असंभव हो रहा है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!कटाव से दहशत में आये लोगों ने बताया कि पिछले दो दिनों तक कटाव कार्य बंद था, जब बारिश शुरू हुई तो कटाव में तेजी आ गयी। इसके बाद कटाव निरोधी कार्य ठेकेदार द्वारा शुरू कर दिया गया। एक तरफ विभाग रोजाना लाखों रुपए खर्च कर कटाव रोकने की कोशिश कर रहा है वहीं दूसरी तरफ विभाग सारे कटाव निरोध कार्य पलक झपकते ही गंगा में विलीन हो रहा है।
ग्रामीण पिछले वर्ष से ही विभाग पर लगातार आरोप लगाते रहे हैं कि जल संसाधन विभाग द्वारा किए गए कटाव निरोधी कार्य ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रहा है। लिहाजा पिछले दो वर्षों से गंगा के कटाव से तीनटंगा दियारा के लगभग 200 परिवार घर कटने के बाद यहां से पलायन कर चुके हैं। तीनटंगा दियारा में पिछले 5 वर्षों से कटाव जारी है।

जल संसाधन विभाग के द्वारा कटाव निरोधी कार्य में रुचि नहीं लेने के करण हाल ही में ग्रामीणों द्वारा चंदा कर गंगा में बांस बल्ली गाड़ बंडाल बनाकर कटाव को रोकने की कोशिश की गई थी। जल संसाधन विभग के सहायक अभियंता कृपाल चौधरी ने बताया कि गंगा के जलस्तर में वृद्धि के बाद कुछ जगहों पर धंसान हुआ था। लेकिन बोल्डर करेट पर किसी तरह की कोई परेशानी नहीं है। कटाव की स्थिति पर नियंत्रण रखने के लिए हम लोग लगे हुए हैं।
गंगा ने बदला अपना कटाव का रास्ता
वर्तमान में गंगा ने कटाव का अपना निशाना बदल लिया है। अब कटाव के निशाने पर ज्ञानी दास टोला न होकर उसरहिया गांव आ गया है। उसरहिया गांव के 1000 परिवार कटाव के मुहाने पर आ गया है। काटाव स्थल इस गांव से अभी 700 से 800 मीटर की दूरी पर है। लेकिन अगर पिछले दिनों हुए काटाव को देखा जाय तो महज कुछ ही दिनों में 100 से 200 मीटर की जमीन गंगा कटाव कर लेती है। भले ही अभी किसी का घर नहीं कट रहा हो लेकिन तीनटंगा के सैकड़ों किसानों की उपजाऊ भूमि को गंगा अपने गर्भ में समा रही है। लोगों का कहना है कि गंगा की विकराल धारा कब किधर मुड़ जाए कुछ नहीं कहा जा सकता है।
