गोपालपुर – पिछले एक दशक से लगातार बाढ का दंश झेलने के कारण इस्माइलपुर प्रखंडवासियों ने बिहार विधान सभा के चुनाव में वोट बहिष्कार का निर्णय लिया है.बता दें कि पिछले तीन वर्षों से लगभग 44करोड रुपये की लागत से इस्माइलपुर प्रखंडवासियों को बाढ की विभीषिका से बचाने हेतु जल संसाधन विभाग द्वारा इस्माइलपुर थाना से लेकर जहान्वी चौक तक दस किलोमीटर लंबा तटबंध बनाये जाने का कार्य वर्ष 2017-18 में प्रारंभ किया गया था.परन्तु तटबंध निर्माण का कार्य आधा -अधूरा ही करवाया गया.विभागीय अभियंताओं व ठेकेदार की उदासीनता के कारण बिहार सरकार की यह महत्त्वाकांक्षी योजना पूरा नहीं हो सका.जिस कारण ग्रामीण बाढ का दंश झेलने को मजबूर हैं.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!इस्माइलपुर के युवा जिला पार्षद विपिन कुमार मंडल ने जल संसाधन विभाग के अभियंताओं पर बाँध निर्माण कार्य में गंभीर नहीं होने का आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले वर्ष भी जल संसाधन विभाग के कार्यालय में आमरण अनशन कर बाँध निर्माण कार्य प्रारंभ करवाने का प्रयास किया .परन्तु जल संसाधन विभाग के अभियंता इस मामले में सहयोग नहीं करना चाहते हैं.उन्होंने कहा कि बाँध निर्माण नहीं होने के कारण 16000 एकड में लगी मकई की फसल बर्बाद हो जायेगी .

साथ नवगछिया अनुमंडल मुख्यालय सहित गोपालपुर विधान सभा क्षेत्र के अधिकांश भाग बाढ प्रभावित हो जायेंगे.उन्होंने कहा कि बाँध निर्माण की माँग को लेकर पुनः नवगछिया बाढ नियंत्रण कार्यालय के प्रांगण में 10 जून से ग्रामीणों के साथ अनिश्चितकालीन धरना का कार्यक्रम आयोजित किया गया है .बाँध नहीं तो वोट नहीं के साथ इस्माइलपुर प्रखंड में बडे पैमाने पर जनजागरण अभियान प्रारंभ किया जायेगा.
