नवगछिया : इलाज में देरी बनी काल, नाव पर ही छह दिन की नवजात ने तोड़ा दम
भागलपुर/खरीक। तपती गर्मी और समय पर इलाज नहीं मिल पाने की समस्या एक बार फिर मासूम की जिंदगी पर भारी पड़ गई। खरीक थाना क्षेत्र के मिर्जाफरी गांव से इलाज के लिए भागलपुर लाई जा रही छह दिन की नवजात बच्ची की नाव पर ही मौत हो गई। यह दर्दनाक घटना उस समय हुई जब परिजन बेहतर स्वास्थ्य सुविधा की उम्मीद में बच्ची को गंगा पार करा रहे थे।
जानकारी के अनुसार मिर्जाफरी गांव निवासी अवधेश कुमार की पत्नी ज्वाला देवी और बच्ची की नानी सुमित्रा देवी गंभीर रूप से बीमार नवजात को लेकर नाव से भागलपुर आ रही थीं। बताया जा रहा है कि बच्ची जन्म से ही कमजोर थी। भीषण गर्मी और लंबी नाव यात्रा के कारण उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई।
बरारी पुल घाट पहुंचते-पहुंचते मासूम की सांसें उखड़ने लगीं। स्थानीय लोगों की मदद से परिजन बच्ची को तत्काल घाट पर बने अस्थायी चिकित्सा शिविर में ले गए। वहां तैनात चिकित्सक डॉ. प्रीतम प्यारे ने बच्ची को बचाने के लिए काफी देर तक सीपीआर दिया और हरसंभव चिकित्सीय प्रयास किए।

हालांकि काफी कोशिशों के बावजूद बच्ची की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद उसे बेहतर इलाज के लिए मायागंज अस्पताल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों ने दियारा और नदी पार क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा और त्वरित चिकित्सा व्यवस्था की मांग उठाई है।

