बाढ़ की चपेट आए अनुमंडल की भयावह स्थिति को देखते हुए शुक्रवार को डीएम प्रणव कुमार यहां पहुंचे। यहां उन्होंने अनुमंडल सभागार में सभी प्रशासनिक पदाधिकारियों के साथ बाढ़ की भयावह स्थिति की समीक्षा की। इसके बाद इससे निपटने और लोगों राहत पहुंचे इसको लेकर अफसरों को निर्देश दिया। डीएम ने कहा कि बाढ़ पीड़ित पंचायतों में सामुदायिक रसोई चलाने की मांग की गई है। इसकी व्यवस्था भी शनिवार से शुरू कर दी जाएगी। सामुदायिक रसोई में सुबह का नाश्ता और दो समय का खाना उपलब्ध होगा। कहा कि कुछ बाढ़ पीड़ित पंचायतों में मेडिकल कैंप की व्यवस्था कर दी गई है प्रशासनिक स्तर से कुछ और जगहों को भी मेडिकल कैंप के लिए चिह्नित किया गया। आंगनबाड़ी केंद्रों को भी नियमित रूप से संचालित करने का निर्देश दिया गया है, ताकि बच्चे इधर-उधर न करें और एक जगह बैठ कर पढ़ाई लिखाई करें। नवगछिया के कुछ लोग हवाई अड्डा में रह रहे हैं और लोगों को पास के किसी बिल्डिंग में शिफ्ट कराने की योजना है। वहां पर मोबाइल टॉयलेट और पीने का पानी राहत शिविरों में व्यवस्था कराई जाएगी।

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उन्होंने कहा शनिवार को ज्यादा बारिश होने की संभावना को देखते हुए सभी स्कूलों को बंद कर दिया गया है। कुछ वैसी सड़कों पर आवागमन बंद किया गया है, जहां बाढ़ का पानी पहुंच गया है। बाढ़ की विभीषिका को देखते सभी प्रशासनिक पदाधिकारियों और कर्मियों की छुट्टी रद्द कर दी गई है। उन्होंने कहा कि नवगछिया में कई पंचायत ऐसी हैं, जहां पर पहले से बाढ़ का पानी है पर अफरातफरी नहीं है। लेकिन बाढ़ से वे पीड़ित हैं, उन्हें सरकार द्वारा निर्धारित व्यवस्था का लाभ दिलवाया जाएगा। सभी प्रखंडों में राहत शिविर की व्यवस्था की गई है। कहा कि ऐसी जानकारी मिली है कि कई पंचायतों में सूखा राशन की आवश्यकता है। निश्चित रूप से सभी पंचायतों में सूखा राशन बंटेगा और जहां पर दोबारा वितरण करने की आवश्यकता होगी दोबारा भी वितरण किया जाएगा।

प्रशासनिक पदाधिकारियों के संपर्क में रहें जनप्रतिनिधि

डीएम ने जनप्रतिनिधियों से भी राय शुमारी की। जनप्रतिनिधियों को कहा कि वे लोग बाढ़ पीड़ितों को शत-प्रतिशत राहत देने का प्रयास करेंगे। जो जनप्रतिनिधियों के सहयोग के बिना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि प्रशासनिक पदाधिकारियों से लगातार संपर्क में रहें। जिन जगहों पर जो भी आवश्यकता हो या फिर सूचना हो वह प्रशासनिक पदाधिकारियों के साथ तुरंत शेयर करें ताकि समय रहते बचाव या फिर राहत कार्य किया जा सके। जिलाधिकारी के साथ बैठक में नवगछिया के अनुमंडल पदाधिकारी मुकेश कुमार के साथ कई विभागों के पदाधिकारियों और नवगछिया के स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी रही, जिन्हाेंने अपनी बात रखी।

सरकारी हो या निजी, बाढ़ पीड़ितों के लिए बिल्डिंग का किया जाएगा उपयोग

डीएम ने कहा कि जो लोग अपने घरों से सड़क पर या फिर रेलवे लाइन पर आकर रह रहे हैं, उनके आसपास कोई भी बिल्डिंग हो चाहे वह सरकारी होगी या फिर निजी हो, प्रशासन उसका उपयोग करेगा। उस बिल्डिंग में स्थानीय लोगों के सहयोग से ही खाना तैयार का बाढ़ पीड़ितों के बीच वितरण कराया जाएगा। प्लास्टिक शीट की भी कमी नहीं होने दी जाएगी। लेकिन जिन्हें प्लास्टिक शीट की जरूरत नहीं हो वे प्लास्टिक शीट ना लें। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने क्षेत्र में राहत कार्यों का वितरण सबसे पहले उनके बीच कराएं, जो सबसे ज्यादा जरूरतमंद हों। नाव की मांग कम ही जगहों से आई है। जहां भी नाव की आवश्यकता हो संबंधित अंचलाधिकारी से संपर्क करें। वहां पर नाव चलवाया जाएगा, नाव की कोई दिक्कत नहीं है लेकिन इसका दुरुपयोग ना हो। उन्होंने पेयजल की व्यवस्था कराने की बात भी कही और पशु चारा के साथ पशुओं की के दवाइयों का भी वितरण कराने को कहा।

फसल क्षति का भी होगा आकलन

डीएम ने कहा कि एक बार बाढ़ का पानी निकल जाए, उसके बाद प्रशासनिक स्तर से फसल क्षति का भी आकलन करवाया जाएगा। पानी निकलने के बाद प्रखंड कृषि पदाधिकारी के अंतर से क्षतिग्रस्त फसलों का आकलन कराया। इसलिए फसलों को लेकर चिंता मुक्त रहें।

By न्यूज़ डेस्क

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