चैती छठ पर्व की शुरुआत 25 मार्च से हो रही है. छठ को महापर्व की संज्ञा दी जाती है. कहते हैं कि यह आस्था और श्रद्धा का सबसे खास त्योहार है. इसलिए इसके प्रति लोगों में बहुत अधिक विश्वास है. दुनियाभर में प्रवासी बिहारी अपने-अपने क्षेत्रों के नजदीकी घाटों पर जाकर भावों सहित छठ पूजा का त्योहार मनाते हैं. छठ महापर्व पर उगते सूर्य और ढलते सूर्य दोनों का अर्घ्य दिया जाता है. जानें इस बार चैती छठ 2023 कब से शुरू है. नहाय खाय, करना कब है? छठ घाट पर जाकर ठलते सूर्य और उगते सूर्य को अर्घ्य देन की तारीख और समय क्या है. डिटेल जानें.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!चैती छठ तारीख नहाय खाय से पारण तक
25 मार्च 2023 – शनिवार, नहाय खाय
26 मार्च 2023 – रविवार, खरना

27 मार्च 2023 – सोमवार, संध्या अर्घ्य
28 मार्च 2023 – मंगलवार, सूर्योदय अर्घ्य, पारण
चैती छठ संध्या अर्घ्य और सूर्योदय अर्घ्य का समय
- संध्या अर्घ्य (Chaiti Chhath Puja Sandhya Arghya) – 27 मार्च 2023
- सूर्यास्त समय – शाम 06.36
- उषा अर्घ्य (Chaiti Chhath Puja Usha Arghya) – 28 मार्च 2023
- सूर्योदय समय – सुबह 06.16
चैती छठ पर बन रहा शुभ संयोग ((Chaiti Chhath Puja 2023 Shubh Yoga)
चैत्र शुक्ल चतुर्थी 25 मार्च यानी शनिवार को नहाय-खाय के साथ चैती छठ महापर्व शुरू हो रहा है. इस दिन पवित्र नदी तालाब या नहाने के पानी में गंगा जल डाल कर स्नान करने के बाद व्रती व्रत का संकल्प लेकर, कद्दू भात ग्रहण करेंगे. रविवार 26 मार्च को कृतिका नक्षत्र व प्रीति योग में व्रती पूरे दिन उपवास कर संध्याकाल खरना की पूजा करेंगे जिसमें खीर का प्रसाद बना कर पूजा कर ग्रहण करेंगे. वहीं चैत्र शुक्ल षष्ठी 27 मार्च यानी सोमवार को पूरे दिन निर्जला रह कर रोहिणी नक्षत्र के साथ आयुष्मान योग में सूर्यदेव को सायंकालीन अर्घ्य दिया जायेगा. प्रातःकालीन अर्घ्य 28 मार्च को चैत्र शुक्ल सप्तमी के साथ मृगशिरा नक्षत्र व सौभाग्य योग में होगा.
चैती छठ व्रत नियम (Chaiti Chhath Puja Niyam)
छठ पूजा के चारों दिन व्रती जमीन पर चटाई पर सोएं. व्रती और घर के सभी सदस्य भी छठ पूजा के दौरान प्याज, लहसुन और मांस-मछली ना खाएं.व्रती स्त्रियां छठ पर्व के चारों दिन नए कपड़े पहनें. महिलाएं साड़ी और पुरुष धोती पहनें. पूजा के लिए बांस से बने सूप और टोकरी का इस्तेमाल करें. छठ पूजा में गुड़ और गेंहू के आटे के ठेकुआ, फलों में केला और गन्ना ध्यान से रखें
