केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने संयुक्त रूप से मुंगेर खगड़िया सड़क पुल का लोकार्पण शुक्रवार दोपहर 2 बजे बड़े तामझाम के साथ किया था। लोगों को इस पुल से बड़ी आस थी कि अब पुल चालू हो जाने से व्यापार बढ़ेगा। लेकिन उद्घाटन के अगले दिन ही सभी उम्मीदों पर पानी फिर गया। मुंगेर खगड़िया सड़क पुल के खगड़िया की ओर से बड़े वाहनों के प्रवेश एवं निकास पर प्रतिबंध लगाने के लिए बैरियर लगा दिया गया। कोई भी बस-ट्रक अब मुंगेर पुल पर नहीं आ जा सकेंगे।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!2002 में अटल जी ने किया था पुल का शिलान्यास
मुंगेर खगड़िया रेल-सह-सड़क पुल का शिलान्यास 2002 में तत्कालीन मंत्री प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी ने दिल्ली से रिमोट के द्वारा शिलान्यास किया था। लाल दरवाजा में शिलान्यास कार्यक्रम हुआ था। अब 2020 मे उद्घाटन हुआ। उद्घाटन होते ही मुंगेर से खगड़िया की ओर बड़ी-बड़ी गाड़ियां फर्राटे दौड़ते हुए सड़क पुल पार कर रही थी। रात भर तो बड़े वाहनों का भी परिचालन हुआ।
लेकिन शनिवार की सुबह सुबह बैरियर लगा लग जाने से लोगों के मन में मायूसी छा गयी है। खासकर व्यापारियों के लिए तो यह पुल अभी कोई काम का नहीं रहा। सहरसा ,पूर्णिया, खगड़िया, मुजफ्फरपुर, बेगूसराय वाली बड़ी बस सेवा भी अभी पुल से नहीं शुरू हो पाएगी।

क्या बोले व्यवसायी
मुंगेर जिला के व्यवसायी नेता शशि शंकर पोद्दार उर्फ मुन्ना ने कहा कि अगर पुल के अप्रोच पथ का कार्य पूरा नहीं हुआ तो कुछ दिन और रुकना था ।कार्य पूरा होने के बाद उद्घाटन होता तो बेहतर होता। ऐसे तो यह पुल व्यवसायियों के लिए मुंह चिढ़ाने वाली कहावत को चरितार्थ कर रही है।
