राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव बिहार के स्वास्थ्य मंत्री रह चुके हैं। अभी वे समस्तीपुर के हसनपुर से विधायक भी हैं। लेकिन राजनीति के साथ-साथ वे व्यवसाय से लेकर फिल्मों तक बराबर रूचि रखते हैं। हाल ही में उन्होंने ‘एल-आर’ ब्रांड नाम से अगरबत्ती का व्यवसाय शुरू किया था। अब वे इसी ब्रांड नाम से अपने सरकारी आवास से बासमती चावल का बिजनेस करने जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि इसके बाद वे अन्य उत्पादों को भी बाजार में उतारेंगे। तेज प्रताप यादव की बहुआयामी प्रतिभा का उदाहरण यह है कि वे पहले मिठाई व मकान बनाते दिख चुके हैं। उन्होंने फिल्मों में भी रूचि दिखाई है। तेज प्रताप कभी साइकिल पर तो कभी घोड़े पर सवार दिखते रहे हैं। वे कभी भगवान शंकर तो कभी भगवान शिव के रूप में भी नजर आ जाते हैं। शंख बजाने में तो उन्हें महरत हासिल है। तेज प्रताप के ये कारनामे आपको हैरत में डाल देंगे।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!माता-पिता के नाम पर बनाई कंपनी
तेज प्रताप यादव ने बसंत पंचमी के मौके पर पिता लालू प्रसाद यादव और माता राबड़ी देवी के नाम पर बनाई गई अपनी कंपनी एल-आर राइस एंड मल्टीग्रेस प्राइवेट लिमिटेड का उत्पाद बाजार में उतार दिया है। केपनी पहले केवल बिहार में चावल का व्यापार करेगी। तेज प्रताप यादव इस कंपनी के प्रबंध निदेशक हैं। तेज प्रताप का कहना है कि उन्होंने यह व्यवसाय किसानों की आय बढ़ाने और रोजगार सृजन के उद्देश्य से शुरु किया है। कंपनी चावल की खरीद सीधे किसानों से करेगी। बिहार में जिला व प्रखंड स्तर पर इसके वितरक बहाल करने की योजना है। यह कंपनी पहले पूरे बिहार में अपना कारोबार स्थापित करेगी, फिर दूसरे राज्यों में भी जाएगी। कंपनी का स्लोगन है- अपना उपजाओ अपना कमाओ और अपना खाओ।


चर्चा में रहते आए तेज प्रताप के ये काम
तेज प्रताप यादव का यह व्यवसायी वाला रूप बीते कुछ समय से दिख रहा है। इसके पहले वे अगरबत्ती का व्यवसाय शुरू कर चुके हैं। दरअसल, भक्ति से हटकर तेज प्रताप के अन्य काम भी चर्चा में खूब रहते आए हैं। वे जलेबी छानते नजर आ चुके हैं। मकान की ईंट जोड़ते भी दिखे हैं। ट्रैक्टर व रिक्शा पर बैठे तथा घुड़सवारी करते उनकी तस्वीरें भी वायरल हुईं हैं। वृंदावन में साइकिल चलाते तथा पटना में शादी के कुछ दिनों बाद पत्नी ऐश्वर्या को साइकिल से घुमाने भी दिख चुके हैं। एक बार पटना में सड़क पर अपने ही सुरक्षा काफिले के वाहन से रेस लगा बैठे तेज प्रताप के साइकिल से गिरने की तस्वीरें भी वायरल हो चुकी हैं। इसके अलावा तेज प्रताप को फिल्मों में एक्टिंग का भी शौक है।
कभी कृष्ण तो कभी बन जाते शिव
तेज प्रताप की भक्ति की चर्चा के बिना यह खबर अधूरी रहेगी। कोरोना के कारण सावन में तेज प्रताप यादव का भगवान शिव का रूप धारण कर शिव की नगरी देचघर जाना लोग नहीं देख पा रहे हैं, लेकिन इसके पहले वे वहां जाकर शिवरूप में धूनी रमाते भी दिख चुके हैं। कोरोना संक्रमण के पहले के साल 2019 के सावन की पहली सोमवारी पर तेज प्रताप यादव ने भगवान शिव का रूप धरा था। वह तस्वीर वायरल हो गई थी। साल 2018 के सावन महीने में भी तेज प्रताप का भगवान शिव का रूप खूब चर्चा में रहा था। वे कृष्ण (Lord Krishna) का रूप धर वृंदावन में भी पूजा करते रहे हैं। बांसुरी व शंख भी बजाते हैं। गो-माता की सेवा करते भी दिखते रहे हैं।

पीएम मोदी ने भी की भक्ति की चर्चा
तेज प्रताप के भक्ति-भाव की चर्चा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक भी पहुंच चुकी है। तेज प्रताप ने एक बार भगवान कृष्ण के रूप धर गौशाला में गायों के बीच बांसुरी बजाया था। इस कारण लोगों ने उन्हें लालू का कन्हैया कहना शुरू कर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी एक बार तेज प्रताप के इस रूप की चर्चा की थी।
इनपुट : जागरण
