मंगलवार की अल सुबह बाल-बाल बची लखनऊ-बरौनी एक्सप्रेस, टला बड़ा हादसा

भागलपुर / पटना

पूर्वोत्तर रेलवे के छपरा- सिवान रेलखंड के दाउदपुर व कोपा सम्हौता के बीच मंगलवार की अल सुबह डाउन लखनऊ-बरौनी एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त होने से बाल-बाल बच गई। चालक व स्टेशन मास्टर के प्रयास से एक बड़ा हादसा होने से बच गया।

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प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना उस वक्त की है जब मंगलवार की सुबह करीब 3 बजकर 05 मिनट पर सिवान से चलकर दाउदपुर से छपरा जा रही कोचीन मालगाड़ी दाउदपुर स्टेशन से क्रॉस कर कोपा के लिए बढ़ रही थी। तभी बनवार ढाला संख्या 59 ए के समीप मालगाड़ी के चालक को रेल टूटने का अहसास हुआ। जैसे ही बाहर देखा तो वह स्थान पोल संख्या 341 व 342 था। उस स्थान पर रेल की पटरी से जोरदार आवाज आ रही थी।

चालक ने तुरंत कोपा स्टेशन मास्टर को इसकी जानकारी दी। कोपा स्टेशन मास्टर ने दाउदपुर स्टेशन मास्टर व कंट्रोल को इसकी जानकारी दी। कंट्रोल ने पीडब्लूआई विजय मंडल को इसकी सूचना दिया। उसके बाद विजय मंडल ने कोपा मेठ को जानकारी देकर उसकी जांच करने को कहा।

कोपा मेठ ने अपनी सीमा 341 पोल तक देख लौट कर विजय मंडल को रेल नहीं टूटने की सूचना दे दी। उसी समय 15204 डाउन लखनऊ बरौनी एक्सप्रेस ट्रेन का सिग्नल क्लियर हो गया था। इसे देखकर दाउदपुर स्टेशन मास्टर ने लखनऊ-बरौनी एक्सप्रेस को रोक दिया। पीडब्लूआई ने उक्त ट्रेन को 20 की रफ्तार में चलने के लिए स्टेशन मास्टर को कहा।

उसके बाद पीडब्लूआई विजय मंडल स्वयं उस ट्रेन में सवार होकर जहां पटरी टूटा था वहां जाकर उसकी जांच किया। जिसमें रेलवे लाइन पोल संख्या 342 / 7,8 के बीच टूटा हुआ मिला। पीडब्लूआई ने आनन फानन में इंजीनियरिंग विभाग व स्टेशन मास्टर को सूचना देकर रेलकर्मियों को बुलाया और फिलहाल सेफ्टी ज्वाइंट प्लेट लगवाकर ट्रेन को कॉसन पर परिचालन शुरू कराया।

वहीं एकमा चैनवा स्टेशन पर खड़ी गाड़ी को कासन देकर अहमदाबाद -मुजफ्फरपुर जाने वाली 15270 ट्रेन सिवान-समस्तीपुर इंटर सिटी को चलाया गया। संयोग ठीक था कि दोनों ट्रेन दुर्घटना के शिकार होने से बाल बाल बच गई। इस संबंध में दाउदपुर स्टेशन मास्टर ने बताया कि टूटे रेल की सही जानकारी नहीं मिलने के कारण उक्त दोनों ट्रेन को परिचालन किया गया।

जानकारी के बाद सभी गाड़ी को 20 के कासन पर चलाया गया है। हालांकि पीडब्लूआई ने कॉसन लगवाया था। तब ट्रेन को धीमी गति से सेफ्टी प्लेट लगाकर परिचालन कराया गया। पीडब्लूआई विजय मण्डल ने बताया कि ठंड बढऩे से रेल टूटने की शिकायत मिलती है।