नारायणपुर (भागलपुर): नारायणपुर प्रखंड के अमरी गांव में सोमवार को करंट की चपेट में आने से ससुर और बहू गंभीर रूप से झुलस गए। दोनों को स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ बहू की हालत नाजुक बनी हुई है। इस हादसे में एक मवेशी की भी मौत हो गई। घायलों की पहचान नागे मंडल (60) और उनकी बहू फूलो देवी (32) के रूप में हुई है। दोनों अमरी गांव के निवासी हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!कैसे हुआ हादसा
नागे मंडल ने बताया कि गांव के ट्रांसफॉर्मर से निकले बिजली के तार में करंट था। अचानक उनका भैंस का बच्चा उस तार की चपेट में आ गया। उसे बचाने के लिए फूलो देवी दौड़ीं, लेकिन वे खुद करंट की चपेट में आ गईं।
बहू को बचाने के प्रयास में नागे मंडल भी झुलस गए। उन्होंने बताया कि जब तक ग्रामीण मौके पर पहुँचे, तब तक दोनों बुरी तरह घायल हो चुके थे। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत बिजली सप्लाई कटवाई, जिससे दोनों की जान बच पाई। हालांकि, तब तक मवेशी की मौत हो चुकी थी।

अस्पताल में भर्ती, बहू की हालत गंभीर
दोनों को पहले स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद बहू फूलो देवी को गंभीर स्थिति में भागलपुर मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया गया। चिकित्सकों ने बताया कि उनके शरीर का एक बड़ा हिस्सा करंट से झुलस गया है।
ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लगाया लापरवाही का आरोप
घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। ग्रामीण अंजनी कुमार ने बताया कि पिछले कई दिनों से इलाके में तार नीचे लटक रहे हैं, लेकिन विभाग के कर्मचारी ध्यान नहीं दे रहे।
उन्होंने कहा, “लगातार बारिश के कारण खेतों और गलियों में कीचड़ भरा है। कटे तार से चारों ओर करंट फैल गया था। हमने कई बार बिजली विभाग को फोन किया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अगर हम लोग तुरंत बिजली नहीं कटवाते, तो ससुर-बहू दोनों की मौत निश्चित थी।”
गांव में डर और आक्रोश का माहौल
हादसे के बाद पूरे अमरी गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में पुराने और जर्जर तारों से करंट फैलने की घटनाएँ लगातार हो रही हैं, पर विभाग लापरवाही बरत रहा है। लोगों ने मांग की है कि बिजली विभाग तत्काल क्षेत्र में जर्जर तारों की मरम्मत करे और जिम्मेदार कर्मियों पर कार्रवाई की जाए।













