विक्रमशिला पुल पर इस बार डेढ़ इंच कम मोटी सड़क बनेगी और एक्सपेंशन ज्वाइंट के बराबर ही इसकी ऊंचाई होगी। इससे सफर में न झटका महसूस होगा और न ही कोई बाधा…।
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एजेंसी का कहना है कि अभी चार इंच मोटी सड़क थी और एक्सपेंशन ज्वाइंट नीचे थे। इसलिए गाड़ियों में झटके लगते थे। अब 40 एमएम तक अलकतरा और 25 एमएम की मैस्टिक टर्फ लगाए जाएंगे। मैस्टिक टर्फ लगने से पुल की सड़क पर न पानी जमा होगा और न ही रिसाव होगा। इससे सड़क की लाइफ ज्यादा होगी।

अब तक चार इंच की सड़क की वजह से पुल पर बने एक्सपेंशन ज्वाइंट पर काफी दवाब था। गाड़ियों के झटके से सड़क के साथ पुल को भी नुकसान पहुंचता था। एक्सपेंशन ज्वाइंट के बराबर सड़क की ऊंचाई होने से एक्सपेंशन ज्वाइंट भी सही काम करेंगे।
वैक्यूम क्लीनर से सड़क की सफाई
विक्रमशिला पुल पर सड़क तोड़ने के बाद अब पूरे पुल की सफाई की जा रही है। एक से दो दिनों में यह काम पूरा कर लिया जाएगा। वैक्यूम क्लीनर और मजदूरों की मदद से सफाई की जा रही है। सफाई पूरी होने के बाद ही एजेंसी के अधिकारी जिला प्रशासन को ट्रैफिक का समय बदलने की सलाह देंगे।
पाया नंबर-2 की बेयरिंग कल बदलेगी
पुल के पायों की बेयरिंग बदलने का काम तेजी से चल रहा है। पाया नंबर-1 के बाद अब दूसरे पर काम शुरू कर दिया गया है। एजेंसी के अधिकारी बताते हैं कि पाया नंबर-2 पर फोल्डिंग लगाने का काम चल रहा है। फोल्डिंग लगते ही सोमवार को बेयरिंग बदल दी जाएगी। पुल के हिस्से में रबर की बेयरिंग लगाई जा रही है। इसके लिए पुल को दो इंच तक उठाया जा रहा है।
