सुबह फेसबुक के माध्यम से की घोषणा, शाम में बताया सन्यास का कारण-Naugachia News

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नवगछिया : चार साल बाद एक बार फिर भाजपा नेता बिहपुर विधानसभा के पूर्व विधायक ई शैलेंद्र ने राजनीतिक सन्यास की घोषणा कर दी है. शैलेंद्र ने सुबह करीब पांच में अपने फेसबुक वाल पर सन्यास लेने की घोषणा की और शाम में एक प्रेस रिलीज जारी करके सन्यास लेने का कारण को स्पष्ट किया. शैलेंद्र ने प्रेस रिलीज में सन्यास लेने के दो कारण बतायें हैं. पहले कारण में उन्होंने कहा है कि अब पारिवारिक दायित्व निभाने का समय आ गया है. अगर परिवार को समय दूंगा तो संगठन को समय नहीं पाउंगा.

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दूसरी तरफ उन्होंने लोकसभा क्षेत्र के एक बड़े नेता का नाम लिये बगैर ही कहा है कि उन्हें बार बार कहा जाता है कि 2019 के बाद चटनी की तरह पीस दूंगा. मैं खुद टिकट बांटता हूं. श्री शैलेंद्र ने इस मामले पर खुल कर अपनी बातों को रखा है लेकिन किसी भी नेता का नाम नहीं लिया है. शैलेंद्र के सन्यास लेने की घोषणा के साथ ही उनके कार्यकर्ताओं में उबाल देखा जा रहा है.

,, वर्ष 2014 में लोकसभा चुनाव में भाजपा की हार के बाद भी शैलेंद्र नेकी थी सन्यास की घोषणा
,, फिर नाटकीय घटनाक्रम के बाद राजनीति में हुए थे सक्रिय

कई कार्यकर्ताओं ने कहा कि शैलेंद्र का जल्दबाजी नहीं करना चाहिए और यह निर्णय उनका अपना निर्णय है. सोसल मीडिया में कार्यकर्ता दिन भर बहर जारी रही. सोसल मीडिया में कार्यकर्ताओं के बीस जारी बहस में इस बात का भी खुलासा हो गया है कि शैलेंद्र ने जिस नेता का नाम नहीं लिया वह नेता भागलपुर के पूर्व सांसद शहनवाज हुसैन हैं. पूरे प्रकरण पर राजद कार्यकर्ताओं दिन भर सोसल मीडिया में चुटकी लेते रहे तो शैलेंद्र के कार्यकर्ता खुल कर अपनी बात रख रहे थे. कुछ कार्यकर्ता शैलेंद्र की आलोचना भी कर रहे थे.

जिलाध्यक्ष ने भी दो नेताओं के बीच तना तनी की बात कही

नवगछिया भाजपा के जिलाध्यक्ष विनोद कुमार मंडल ने कहा कि पार्टी में किसी तरह के कलह का माहौल नहीं है. हां दो बड़े नेताओं के बीच कलह जरूर है. इनमें से एक अपने आप को राष्ट्रीय स्तर का नेता कहते हैं तो दूसरे संगठन के साथ चलने को तैयार हैं. जिलाध्यक्ष ने अप्रत्यक्ष रूप से कहा कि इस तरह के विवाद में कहीं न कहीं वे भी पीड़ित हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि वे फिलहाल अररिया में चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं. ग्यारह मार्च को इसी प्रकरण पर भाजपा की आपात बैठक बुलायी गयी है. बैठक में उक्त प्रकरण पर हन चिंतन किया जायेगा.

चार वर्ष पहले फूट फूट कर रोये थे शेलेंद्र

चार वर्ष पहले भागलपुर लोकसभा चुनाव में भाजपा की हार के बाद श्री शैलेंद्र ने खरीक के मारवाड़ी धर्मशाला में कार्यकर्ताओं के बीच एक वार्ता के दौड़ान फूट फूट कर रोये थे. उस समय शैलेंद्र कह रहे थे कि उन पर दाग लगा है कि उन्होंने पैसा ले कर शहनवाज हुसैन को हराया है. उन्होंने अपनी सफाई भी दी थी और राजनीतिक सन्यास की घोषणा कर दी थी. बाद में उन्हें कार्यकर्ताओं द्वारा फिर से राजनीति में सक्रिय होने के लिए मना लिये जाने की बात जगजाहिर हुई थी.

ई शैलेंद्र ने क्या कहा : शब्दश:

आज से मैं राजनीतिक जीवन के गतिविधि से सन्यास लेता हूँ. भारतीय जनता पार्टी के प्राथमिक सदस्यता से भी अपनी सदस्यता वापस लेता हूँ. इसके लिए 15:03:18 को अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष एवम जिलाध्यक्ष जी को मेल और फैक्स कर दूंगा. लगातार 14 वर्षों से राजनीतिक जीवन में पूरी निष्ठा के साथ भारतीय जनता पार्टी के संगठन को कार्यकर्ता बनकर काम कियदेवदुर्लभ कार्यकर्ताओं ने हमें बिहपुर से भाजपा का विधायक भी बनाया. इसके लिए मैं बिहपुर की जनता,कार्यकर्ता एवम भाजपा के शीर्षस्थ नेतृत्व खासकर हमारे अभिभावक स्वरूप उपमुख्यमंत्री श्री सुशील कुमार मोदी जी का जीवन भर आभारी बना रहूंगा.

लेकिन अब पारिवारिक दायित्व निभाने का समय आ गया है. यदि मैं परिवार के दायित्व का निर्वहन करने लगूंगा तो भाजपा संगठन में समय नहीं दे पाऊंगा. यदि संगठन में समय नहीं दे पाऊंगा तो संगठन के साथ बेईमानी होगी जो मैं नहीं कर सकता. अभी चुनाव तीन साल बाकी है तो पार्टी अपना अपने स्तर से भी संगठन मजबूत करने को सोचेगी. जाते-जाते भाजपा शीर्षस्थ नेतृत्व को मीडिया के माध्यम से अपना एक सलाह भी देना चाहता हूं कि भागलपुर के संगठन को मजबूत करना होगा क्योंकि यहां के संगठन को एक नेता जो अपने आप को कद्दावर कहते हैं तार-तार यानि कई घटक में बांट कर रख दिया है. अपने आपको राष्ट्रीय नेता कहते हैं.

जिस आधार वोट पर वो भाजपा के राष्ट्रीय नेता बने हुए हैं उसका एक प्रतिशत भी ना पार्टी को और ना उन्हें खुद को वोट मिलता है. बाद बाकी राष्ट्रीय नेतृत्व को पूरी जानकारी संगठन के हित में दूंगा भागलपुर भाजपा को किस तरह गर्त में पहुंचाया है. बात-बात पर कहते हैं 2019 के बाद चटनी की तरह पीस कर रख दूंगा,मैं खुद टिकट बांटता हूँ. अब पूरी आजादी के साथ टिकट बांटते रहिये.

मैं अभी तक सिद्धांत के साथ राजनीति किया।मेरे कई शुभचिंतक मित्र कहते थे कि राजनीति और वैश्यावृत्ति एक ही सिक्के के दो पहलू है लेकिन मैंने अपने राजनीति जीवन को वैश्यावृत्ति होने से बचा लिया. पुनः अपने सभी देवदुर्लभ कार्यकर्ता को हृदय से आभार एवम नमस्कार करता हूँ. यदि कभी मेरे किसी कार्यकलाप से आपको ठेस पहुंची होगी तो आप माफ कर देंगे. छप्पन हजार जिन्होंने हमें वोट दिया है उसके सुख दुख में शामिल होता रहूंगा. संगठन का कोई दाईत्व नही लूंगा।किसी भी दूसरे दल में नही जाऊंगा. भाजपा को एक वोट देता रहूंगा.