नवगछिया:- शराबबंदी के बाद भी नवगछिया सहित आसपास क्षेत्रों में किस तरह शराब धड़ल्ले से खरीद फरोख्त किया जा रहा है इसका उदाहरण रंगरा थाने में देखने को मिला. रंगरा सहायक थाना के तीनटंगा दक्षिण उसरैहिया गांव में गुरुवार की देर रात्रि पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर एक मिनी शराब फेक्ट्री का उद्भेदन किया है. इस क्रम में पुलिस एक हजार लीटर अर्धनिर्मित एवं 25 लीटर निर्मित देसी शराब, पांच खाली ड्रम, खाली हांडी, शराब बनाने वाले कुछ केमिकल्स, शक्कर के डब्बे, को भी जब्त किया है. पुलिस ने दो शराब माफियाओं उसरैहीया निवासी प्रकाश मंडल एवं राजेश मंडल को भी गिरफ्तार कर लिया है.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!पुलिस ने स्थल से एक पिक अप वाहन और एक मोटरसाइकिल भी बरामद किया है. मिली जानकारी अनुसार रंगरा पुलिस को तिनटंगा दियारा दक्षिण पंचायत के उसरैहीया गांव में अवैध देसी शराब बनाने वाली फैक्टरी की सूचना लगातार मिल रही थी. सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दर्जनभर सशस्त्र पुलिस बलों के साथ बुधवार की रात्रि लगभग 2:30 बजे के उसरैहीया गांव को घेरकर जब छापेमारी की गई तो गांव में अवैध देसी शराब बनाने वाले मिनी शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ.

मौके से बरामद सभी सामान को गाड़ी पर लादकर रंगरा पुलिस ने थाने ले आई. छापेमारी दल का नेतृत्व रंगरा थाना अध्यक्ष कौशल कुमार कर रहे थे. जबकि छापेमारी दल में सहायक अवर निरीक्षक उपेंद्र मुखिया, सहायक अवर निरीक्षक गिरीश तिवारी, सहायक अवर निरीक्षक मनोवर अंसारी एवं एक दर्जन से भी अधिक सशस्त्र पुलिस बल शामिल थे. शराबबंदी के बाद भी नवगछिया पुलिस जिले में मिनी शराब फैक्ट्री का उद्भेदन होना आश्चर्यजनक है.
पूछताछ में जानकारी मिली है कि उक्त शराब की फैक्ट्री लंबे समय से चल रही थी जहां से नवगछिया सहित आसपास के इलाकों में भी देसी शराब की आपूर्ति की जाती थी. रंगरा पुलिस गिरफ्तार किए गए दोनों लोगों से सघन पूछताछ कर रही है. संभावना है कि इस शराब फैक्ट्री के संचालन में एक पूरा गिरोह सक्रिय था जिसका काम शराब बनाने से लेकर ग्राहकों को होम डिलीवरी करना था. पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है कुछ और भी नए लोगों के नाम इस कांड में सामने आ सकते हैं.
