दिल्ली : रेलवे ने राष्ट्रीय स्तर पर कैटरिंग की शिकायत के लिए एक नंबर भी उपलब्ध कराया है. इसके लिय ग्राहकों को रेलमंत्री के ट्वीटर पर जाकर शिकायत करने का भी विकल्प दिया जा रहा है. पैंट्रीकार से मिलने वाले भोजन की क्वालिटी तो घटिया रहती ही है साथ साथ उसकी मात्रा भी काफी कम रहती है. देखा जाए तो, उन्हें 150 ग्राम चावल और 150 ग्राम दाल देनी चाहिए तो वहां उन्हें 80 से 90 ग्राम चावल दिया जाता है और बहुत ही कम मात्र में दाल पड़ोसा जाता है जिसमे यात्रियों को इतने में ही काम चलाना पड़ता है.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!चाय और कॉफी की बात करे तो इसकी मात्र भी काफी कम होती है. इसके लिए रेलवे ने प्लेटफॉर्म और रनिंग ट्रेनों के लिए अलग-अलग कीमत तय कर दी है और साथ ही साथ घटिया कंपनी का मिनरल वाटर बेचे जाने पर भी कठोर कार्रवाई करने का निर्देश जारी किया गया है.

रेलवे की ओर से जारी मेन्यू व कीमत देखे:
चाय स्टैंडर्ड 170 एमएल- 5 रु 5रु.
टी बैग 150 एमएल – 7 रु. 7 रु.
कॉफी 150 एमएल – 7रु. 7 रु.
रेल नीर 1 लीटर – 15 रु. 15 रु
रेलनीर 500एमएल – 10 रु 10रु
जनता भोजन 15 – 20 रु
पूरी-7 पीस 175 ग्राम
सब्जी आलू 150 ग्राम
शाकाहारी नाश्ता
ब्रेड 2 पीस, बटर 25 रु – 30 रु
वेज कटलेट 2 पीस 100 ग्राम
इडली 4 पीस या उड़द बड़ा- 4 पीस
चटनी या उपमा-100 ग्राम अथवा उड़द बड़ा 4 पीस व पोंगल 100 ग्राम
मांसाहारी नाश्ता 30 रु- 35 रु
आमलेट 2 अंडे का व स्लाइस 2 पीस बटर के साथ, टोमैटो केचप
शाकाहारी भोजन – 45 रु.- 50 रु
राइस पुलाव या जीरा राइस या प्लेन राइस-150 ग्राम
पराठा-2 पीस या चपाती 4 पीस
दाल-150 ग्राम
मिक्स सब्जी-100 ग्राम
दही-100 ग्राम या मिठाई-40 ग्राम
पैक्ड मिनरल वाटर-250 एमएल
मांसाहारी भोजन 50 रु- 55 रु.
राइस पुलाव या जीरा राइस या प्लेन राइस-150 ग्राम
पराठा-2 पीस या चपाती 4 पीस
दाल-150 ग्राम
2 अंडा का करी-200 ग्राम
दही-100 ग्राम या मिठाई-40 ग्राम
पैक्ड मिनरल वाटर-250 एमएल
यात्री खान पान से सम्बन्धित शिकायत करने के लिए दिए गए इन पीएनआर नंबरों की 9717630982 एवं 1800-111-321 सहायता ले सकते है और ट्विटर पर भी आरएआइएलएमआइएनआइएनडीआइए पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं.
इस मामले में रेल के मुख्य जन संपर्क अधिकारी का कहना है कि खान-पान में होने वाली शिकायतों को रेलवे प्रसाशन काफ़ी गंभीरता से ले रही है.साफ़ सफ़ाई और स्वादिष्ट भोजन उपलब्ध कराने के लिए अति पीपीपी मोड पर आधुनिक मेगा किचेन बनाने का निर्णय लिया गया है. इस साल रेलवे की ओर से पैंट्री कार के 7 ठेकेदारों को हटाने, 16 को काली सूची मे और 21 अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई के साथ ही साथ पैंट्रीकार संचालकों से 4.5 करोड़ का भी जुर्माना वसूला गया है.
