नवगछिया बाजार मे ऑनलाइन शॉप से आसीस को चुना लगते-लगते बचा -Naugachia News

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जमाना ऑनलाइन का है। ई-कॉमर्स भी तेजी से पांव पसार रहा है। ऐसे में ठगों ने भी ऑनलाइन शॉपिंग, बैंक ट्रांजेक्शन से लेकर सोशल मीडिया तक पर अड्डा जमा लिया है। थोड़ी-सी सूझ-बूझ से हम ऐसी किसी भी धोखाधड़ी से बच सकते हैं। जानते हैं, कैसे:

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कल  नवगछिया बाजार मे ऑनलाइन शॉप से आशिस को कॉल आता है कहा सर आपको  jaguar cars लक्की कूपन मे फसा है आशिस हैरान हो गया मैने कोई लौटरी खेला नहीं फिर कार … फिर फोन पे बताया गया कि कल आपने होम शोपिंग मे कुछ सामान आर्डर किया था जिसमे लक्की कूपन मे आपको ये कार फसा है आशिस हैरान ये बात मेरे अलावे किसी को पता नहीं उसने पूरी बात सुनी उसमे टीआर बनाने को कहा जिसमे ५००० रुपया डिपोजिट करने को कहा और कहा हम कल आपको सारा डिटेल दे देंगे कि किस अकाउंट मे पैसे जमा करना है | बेचारा आशिस रात भर सो नहीं पाया किसे बोले और क्या कहे कुछ डर कुछ इर्ष्या और बेचैनी  .. आज उसकी मुलाकात आईटी एक्सपर्ट से हुई उसमे बताया कि किस तरह ये लोग भोले भले लोगो को चुना लगाते है आशिस को उसकी बात समझ आ गया और बच गये उसके ५००० रुपया |

जानिए कैसे चुना लगाते है
आप ऑनलाइन किसी सामान को टीवी पर देख कॉल लगाते है और सामान का रेट आदि के बारे मे जानकर फिर अपना पता कंपनी को लिखाते है जिसमे कंपनी आपका सामान बुक कर १० दिन का समय लेता है कि फलां दिन सामान आपका डिलेवरी हो जायेगा |
ठीक उसी दिन या दूसरे दिन आपको कॉल आता है कि कल आपने जो सामान ख़रीदा है उस सामान के साथ लक्की कूपन फसा है जिसमे  आपको  गिफ्ट के रूप के कार, फ्रीज, या वाशिंग मशीन जैसे सामान का प्रह्लोभन देते है और आपको बैंक मे कुछ पैसे जा करने को कहेंगे
आप भी सोच मे पड़ जायंगे
कि बात तो सही है मैंने सामान बुक किया इसकी जानकारी या तो हमें है या कंपनी को .. लेकिन ऐसा नहीं है होता अब ये है कि जिस कंपनी से आप सामान खरीदते है उस कंपनी का कंप्यूटर ऑपरेटर आपके द्वारा दिया गया सभी जानकारी को फ्रोड को बेच देता है फिर यही शरू होता है सिलसिला चुना लगाने का …
सोशल मीडिया: यहां अपने दोस्तों के दोस्तों से भी सावधान रहें। हो सकता है कि कोई आपके दोस्त का अकाउंट हैक कर उसके नाम से एक डुप्लिकेट अकाउंट बना ले और फिर उसकी फ्रेंड लिस्ट में शामिल लोगों से मदद के नाम पर पैसा मांगे। ऐसे में कई बार लोग दोस्त समझ कर पैसा दे देते हैं, जबकि कोई ठग दोस्त के नाम पर फर्जी अकाउंट से पैसा वसूल रहा होता है।
क्या करें, क्या नहीं
– पहला कॉल आने के बाद ही किसी स्कीम या प्रॉडक्ट के लिए पेमेंट न करें।
– अगर कॉलर खास जानकारी हासिल करना चाहे तो उसे क्रॉस क्वेश्चन जरूर करें।
– अगर कोई मेल कुछ ज्यादा ही अच्छा लगे जैसे कि लॉटरी या फ्री गिफ्ट तो उस पर यकीन न करें।
– अगर कोई मेल या कॉल आपको फीस या किसी दूसरे नाम पर पैसा मांगता है तो यह स्कैम हो सकता है।
– अनजान नंबरों से आनेवाली कॉल्स को इग्नोर करें और कॉल बैक भी न करें।