पटना। जिंदगी देने वाले डॉक्टर को लोग भगवान का दर्जा देते हैं लेकिन कुछ ऐसे भी डॉक्टर हैं जो पैसों के लिए इस पवित्र पेशे को बदनाम कर रहें हैं। पैसों की हवस में डॉक्टर्स को नवाजत भी नजर नहीं आते। ऐसी ही एक हैवानियत की दास्तां बिहार के गोपालगंज से आ रही है। यहां एक नवजात बच्चे की किडनी निकालने का मामला सामने आया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!जानकारी के मुताबिक, यूपी के देवरिया निवासी रामदयाल प्रसाद की पत्नी को प्रसव पीड़ा होने के बाद गोपालगंज के भोरे थाना के लालाछापर गांव के डॉ. एमएम अंसारी के क्लिनिक में भर्ती कराया गया।

जहां डॉक्टर ने उनको इंजेक्शन दिया और दो दिन बाद उन्हें वापस चेकअप के लिए बुलाया। बीते 21 जनवरी को रामदयाल प्रसाद की पत्नी प्रिया देवी को नॉर्मल डिलीवरी हुई। जन्म लेने के बाद बच्चे की मौत हो गई। पीड़ित परिजनों के मुताबिक, कई घंटों बाद अस्पताल ने बच्चे के शव को उन्हें शौंपा।
जिसके बाद परिजनों ने बच्चे के शव को दफना दिया। लेकिन किसी तरफ परिजनों को खबर मिल ही गई कि उनके बच्चे की किडनी निकाल ली गई थी। तब परिजनों ने इस बात की शिकायत भोरे थाने में की और निजी क्लीनिक के संचालक डॉ. एमएम अंसारी के खिलाफ मामला दर्ज कराया।
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने तत्काल शव को जमीन से निकलवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बच्चे के शव को पहली नजर में देखने से ही पता चल जाता है कि उसके पेट पर चीरफाड़ के निशान मौजूद हैं। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है ।
