गोपालपुर : पिछले कई दिनों से गंगा बेसिन के क्षेत्र में लगातार वर्षा होने के कारण गंगा नदी में हर घंटे तीन सेंटीमीटर की वृद्धि होने की सूचना से तटवर्ती गांव के लोगों व जल संसाधन विभाग के अभियंताओं की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!क्योंकि जलस्तर में वृद्धि के साथ विभिन्न स्परों पर दवाब बढ़ता जा रहा है. हालांकि गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 75 सेंटीमीटर नीचे है. परन्तु जिस रफ्तार से जलस्तर में वृद्धि हो रही है अगले एक दो दिनों में अब तक शांत गंगा नदी इस्माइलपुर से लेकर बिंद टोली तक कहर बरपा सकती है. हालाँकि जल संसाधन विभाग द्वारा सभी स्परों पर बालू भरी सीमेंट की बोरियों व जिओ बैग में बालू भरकर रखा गया है.

लेकिन गंगा नदी जब खतरे के निशान को पार कर जाती है तो बड़ी तबाही मचाती है. मिली जानकारी के अनुसार गंगा नदी का न्यूनतम जलस्तर 24 मीटर, चेतावनी का जलस्तर 30.18 मीटर, खतरे का निशान 31.60 मीटर, अधिकतम जलस्तर 33.45 मीटर है. जबकि आज का जलस्तर 30.85 मीटर है. कार्यपालक अभियंता ई विरेन्द्र प्रसाद ने बताया कि सभी स्परों की सतत निगरानी की जा रही है. फिलहाल किसी तरह का खतरा नहीं है. आवश्यकतानुसार सभी स्परों पर आवश्यक समानों का पर्याप्त भंडारण किया गया है. कैंप कार्यालय में अभियंताओं की टीम चौबीस घंटे रहकर स्थिति पर नजर बनाये हुए हैं.
