सर्वशिक्षा अभियान के तहत राज्य के सरकारी विद्यालयों में नामांकित करीब 2 करोड़ बच्चों के खाते में 15 अप्रैल तक किताब खरीद का पैसा चला जाएगा। यह पहली बार होगा जब आरटीई एक्ट के तहत इन बच्चों को नि:शुल्क किताब देने की योजना में किताब के बदले राशि दी जाएगी और बच्चे खुद किताब खरीदेंगे।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!पाठ्य पुस्तक निगम की जवाबदेही 54 इम्पैनल्ड प्रकाशकों से किताब प्रकाशित कराकर पूरे राज्य में पहुंचवाने की है। निगम के साथ समन्वय कर बच्चों को खरीद कराने का जिम्मा बिहार शिक्षा परियोजना परिषद (बीईपी) को दिया गया है।

शनिवार को राशि देने एवं पुस्तक आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव आरके महाजन ने की। बीईपी, पाठ्य पुस्तक निगम के आलाधिकारियों तथा निगम द्वारा इम्पैनल्ड प्रकाशकों की मौजूदगी में हुई इस बैठक में श्री महाजन ने निर्देश दिया कि 15 से 20 दिनों के अंदर किताबें प्रकाशित कर जिला से लेकर प्रखंड तक उपलब्ध करा दें। साथ ही किताब की राशि अगले एक सप्ताह में विद्यार्थियों के खाते में भेज दी जाए।
