दर्शन देहू न अपार हे छठी मैया..उग हे सूरजदेव अरघ के बेरिया.. सुन ल अरजिया हमार हे छठी मैया..सूर्योपासना के महापर्व छठ का चार दिवसीय अनुष्ठान नहाय-खाय के साथ मंगलवार 24 अक्टूबर से शुरू होगा। भगवान भास्कर को सायंकालीन अघ्र्य 26 अक्टूबर की शाम जबकि 27 अक्टूबर की सुबह सूर्य देवता को प्रात:कालीन अघ्र्य प्रदान करने के साथ इस महाअनुष्ठान का समापन होगा।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!ज्योतिषाचार्य दयानंद बाबा ने पंचांगों के हवाले से बताया कि 26 अक्टूबर की शाम सूर्य भगवान सायंकालीन अघ्र्य प्रदान किया जाएगा। उनके अनुसार ह्रषीकेश पंचांग, विश्वविद्यालय पंचांग, एनसी लाहिड़ी पंचांग और केपी दत्ता पंचांग सभी में गुरुवार 26 अक्टूबर की शाम ही अस्ताचलगामी सूर्य को सायंकालीन अघ्र्य देना शासम्मत बताया गया है।

अजीत पाण्डेय के अनुसार षष्ठी तिथि 25 अक्टूबर की सुबह 9.37 बजे से गुरुवार 26 अक्टूबर की दोपहर 12.15 बजे तक है। वहीं शुक्रवार 27 अक्टूबर की सुबह उगते सूरज को प्रात:कालीन अघ्र्य प्रदान किया जाएगा।
खरना बुधवार 25 को :
आचार्य प्रभात झा ने बताया कि कार्तिक शुक्ल पंचमी बुधवार 25 अक्टूबर को श्रद्धालु खरना करेंगे। उदयव्यापिनी तिथि बुधवार को है इसलिए इसी दिन खरना शासम्मत है।
