बिहपुर प्रखंड के इंदिरा आवास योजना का ढाई करोड़ रुपये सृजन महिला विकास सहयोग समिति के जरिये घोटाला कर लिया गया है। डीएम के निर्देश पर बीडीओ ने तीन सदस्यीय कमेटी से इसकी जांच करवाई थी। जांच के बाद सोमवार को बीडीओ सत्येन्द्र सिंह के बयान पर बैंक ऑफ बड़ौदा के तत्कालीन व वर्तमान मैनेजर और सृजन महिला के पदधारकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। बिहपुर प्रखंड इंदिरा आवास योजना के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा में 21 जुलाई, 2008 को खाता खोला गया था। इस खाते में नौ अलग-अलग चेक के जरिये करीब ढाई करोड़ रुपये जमा कराया गया था।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!खाता खुलने के साथ ही उसी दिन चेक के जरिये इंदिरा आवास योजना का 31 लाख, 92 हजार रुपये जमा करवाया गया था, जो बैंक की मिलीभगत से सृजन महिला के खाते में ट्रांसफर कर दिया गया। इसके बाद राशि जमा करने व निकासी का सिलसिला शुरू हो गया। 21 जुलाई, 2008 से लेकर 11 फरवरी, 2009 के बीच कई बार ऐसा हुआ। सृजन घोटाले का खुलासा होने के बाद डीएम ने 10 अगस्त, 2017 को बैंक खाते की जांच कराने का निर्देश दिया था। डीएम के निर्देश पर बीडीओ ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया। टीम में प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी प्रवीण कुमार भारती, लिपिक सुमन कुमार और गोपाल ठाकुर को शामिल किया गया था।
जांच में पाया गया कि सूद की राशि 46,440 रुपए में भी गड़बड़ी की गई है। बैंक स्टेटमेंट और खाता में अलग-अलग आंकड़े मिल रहे थे। बीडीओ ने कहा कि सृजन द्वारा बैंक खाता में राशि जमा भी की जाती थी। यह वित्तीय अनियमितता का मामला है। बैंक और सृजन की मिलीभगत से खाता से राशि ट्रांसफर की गई है। वित्त विभाग की टीम से इसकी जांच करवाई जाएगी।

वित्तीय अनियमितता को लेकर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। प्रखंड के आठ समेत 24 एफआईआर दर्ज सृजन घोटाले को लेकर कल्याण विभाग व डीआरडीए समेत आठ प्रखंडों में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले को लेकर 24 एफआईआर कोतवाली समेत अन्य थानों में दर्ज कराई गई है। कहलगांव, शाहकुंड, जगदीशपुर और नवगछिया के बीडीओ ने इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। गृह विभाग ने प्रखंड में हुए घोटाले की एफआईआर सीबीआई को भेजने का आदेश दिया था, लेकिन सीबीआई ने अभी केस का चार्ज नहीं लिया है। अभी 10 मामले की सीबीआई जांच कर रही है।
