इस बार का बिहार दिवस महोत्सव शुरुआत में ही विवादों में घिर गया. सूबे के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के ऐतिहासिक गाँधी मैदान में अपने भाई स्वास्थ्य मंत्री के साथ नहीं आने के बाद माहौल गहमागहमी वाला बन गया. लालू परिवार से कोई नहीं आया जबकि दोनों भाई महागठबंधन सरकार में मंत्री हैं और छोटे भाई तेजस्वी राज्य के उपमुख्यमंत्री.गौरतलब है की बात की पुष्टि तब हुई जब राजद विधायक और ब्रांड नेता भाई वीरेंद्र ने अपने ही सरकार पर हमला करते हुए कहा कि उनके पार्टी के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव का नाम कार्ड में था ही नहीं, साथ ही कहा कि ‘बिहार दिवस में तेजस्वी का नाम नहीं होना बड़ी चूक है. हम बड़े दल होकर भी इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं करेंगे.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि बिहार दिवस के कार्ड में उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव का नाम रहना चाहिए था. वो बिहार राज्य के उपमुख्यमंत्री हैं ऐसा नहीं होना चाहिए था जब उन्हें आमंत्रित ही नहीं किया गया तो डिप्टी सीएम कार्यक्रम में नहीं आकर ठीक ही किया. गौरतलब है कि कार्यक्रम से अनुपस्थिति के मामले में उन्होंने कहा था की उनकी तबीयत ठीक नहीं थी इस वजह से नहीं जा सके. हालांकि आज उन्होंने इस मामले पर कुछ भी बोलने से इन्कार कर दिया है.

