Bihar : मुंगेर सीट पर राजद ने मारा चौका.. लगातार चौथी बार अपनी परंपरागत सीट को बचाने में कामयाब

भागलपुर / पटना

मुंगेर जिला मुख्यालय स्थित राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय में गुरुवार को मुंगेर, लखीसराय, जमुई और शेखपुरा के स्थानीय निकाय के विधान परिषद चुनाव की मतगणना का कार्य कड़ी सुरक्षा के बीच संपन्न हुआ। जिसमें राष्ट्रीय जनता दल के प्रत्याशी ने लगातार चौथी बार अपनी परंपरागत सीट को बचाने में कामयाब रहें। राष्ट्रीय जनता दल के प्रत्याशी अजय कुमार सिंह ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी जदयू के प्रत्याशी संजय प्रसाद को प्रथम वरीयता की मतों के आधार पर 1184 पीछे छोड़ गए। निर्वाचन आयोग के निर्देश के अनुसार जीत के लिए प्रत्याशी को कम से कम 2862 मत लाना था। लेकिन राजद के प्रत्याशी को 2840 मत ही आया था। इसी कारण वह 22 मात पीछे रह गए थे। 22 मत पूरा करने के लिए ही दूसरे राउंड में द्वितीय वरीयता के मतगणना की गिनती प्रारंभ की गई। जिसमें तीसरे नंबर पर जमुई के जिला परिषद अध्यक्ष दुलारी देवी के पति गुड्डू यादव रहें। निर्दलीय प्रत्याशी गुड्डू यादव को 1050 मत प्राप्त हुआ। जबकि हार की जानकारी मिलते ही जदयू प्रत्याशी संजय प्रसाद बीच में ही अपने कुछ समर्थकों के साथ मतगणना परिसर से बाहर निकल गए।

Whatsapp group Join

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

कुल वैध मत का 50% से एक अधिक मत लाना है अनिवार्य

डीएम सह स्थानीय निकाय चुनाव के आरो नवीन कुमार प्रथम राउंड कि गन्ना के बाद घोषणा करते हुए बताया कि 06 हजार 69 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। जिसमें 05 हजार 723 मत वैध पाया गया। जबकि 346 मत अवैध पाया गया। इसी कारण कूलपैड मत को दो से भाग देने के बाद एक जोड़कर जो अंक प्राप्त होता है। इतना मत विजय प्रत्याशी को लाना अनिवार्य होता है। इस हिसाब से गन्ना करने के बाद जीते हुए प्रत्याशी को कम से कम 2862 मत लाना होगा। लेकिन प्रथम वरीयता में सबसे अधिक मत 2840 राजद के प्रत्याशी को प्राप्त हुआ है जो निर्धारित अंग से 22 कम है। इसी कारण दूसरे राउंड के तौर पर सेकंड वरीयता के मतों की गणना की गई।

चारों जिला के मत को एक साथ मिलाकर किया गया मतों की गणना

स्थानीय निकाय के विधान परिषद चुनाव में 32 मतदान केंद्र बनाया गया था। गुरुवार की सुबह जब इंजीनियरिंग कॉलेज में मतगणना का कार्य प्रारंभ हुआ। तो सभी मतदान केंद्रों के बैलट बॉक्स से बैलट पेपर को बाहर निकालकर मिला दिया गया। इसके बाद 50-50 के बैलट पेपर का बंडल बनाकर मतगणना कार्य के लिए लगाए गए 14 टेबल पर दिया गया। जिसमें टेबल संख्या 1 से 13 तक पर 09 बंडल बैलट पेपर दिया गया। जबकि टेबल संख्या 14 पर चार बंडल के अलावे 19 बैलट पेपर दिया गया। यानी 1 से 13 तक की टेबल पर 450-450 बैलेट पेपर दिया गया। जबकि टेबल संख्या 14 पर 219 बैलट पेपर दिया गया। जिस कारण एक राउंड में ही प्रथम वरीयता के वोटों की गिनती संपन्न हो गई।

प्रथम वरीयता में हार की जानकारी मिलते ही बाहर निकल गए संजय प्रसाद

जदयू प्रत्याशी संजय प्रसाद मीडिया गैलरी में बैठकर ही मतगणना कि हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए थे। लेकिन प्रथम चरण में हुए प्रथम वरीयता की मतगणना के बाद बिना अधिकारिक सूचना हुए ही। जैसे कार्यकर्ताओं के द्वारा संजय प्रसाद को बताया गया कि काफी अधिक मतों से पिछड़ गए हैं। इस कारण जितना अब संभव नहीं है। वहीं हार की सूचना मिलते ही मीडिया गैलरी में बैठे संजय प्रसाद सीधे कुर्सी से उठे और कुछ समर्थकों के साथ इंजीनियरिंग कॉलेज के मुख्य द्वार होते हुए पैदल बाहर निकल गए। इस दौरान मीडिया कर्मियों ने लगातार उनसे सवाल पूछने का प्रयास किया। लेकिन वह मीडिया के सवालों को टालते हुए आगे बढ़ते रहें