भारतीय संस्कृति अब विदेशियों को भी खूब आकर्षित कर रही है। इसी से प्रभावित हो भागलपुर में योग सीखने आए विदेशी जोड़े ने भारतीय रीति-रिवाज से एक-दूसरे के साथ जीने-मरने की कसमें खाई और परिणय सूत्र में बंध गए। विवाह संपन्न होने के बाद विदेशी जोड़े ने गुरु आचार्य जगदीश के पांव छूकर आशीर्वाद भी लिया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!जानकारी के मुताबिक डेनमार्क के म्यूजिक टीचर पोलर परेड्स और स्पेन की डॉक्टर जानहेंग्लुंग कुछ दिन पूर्व योग की शिक्षा ग्रहण करने कटिहार में आचार्य जगदीश के यहां आए थे। इसी क्रम में दोनों प्रेम हो गया। दोनों ने स्वेच्छा से विवाह के लिए तैयार हो गए।
इसके बाद दोनों आपसी रजामंदी के बाद विवाह के लिए अपने गुरु आचार्य जगदीश के पास आए। विदेशी जोड़े ने भारतीय संस्कृति से विवाह रचाने के लिए आचार्य से कहा। आचार्य जगदीश ने पोलर परेड्स और जानहेंग्लुंग को विवाह की सहमति दे दी।

साथ ही विवाह के लिए आचार्य ने दोनों को भारतीय नाम भी दिया। डेनमार्क के पोलर परेड्स को सुदर्शन और स्पेन की जानहेंग्लुंग को पार्वती नाम आचार्य ने दिया। कटिहार के प्रोफेसर कॉलोनी स्थित आचार्य जगदीश के घर पर ही भारतीय रीति-रिवाज से विवाह कराया गया।
विवाह संपन्न होने के बाद विदेशी जोड़े दिल्ली रवाना हो गए। बता दें कि स्थानीय निवासी सह योग गुरु आचार्य जगदीश का ज्यादा समय फिलवक्त दिल्ली में बीतता है और वे इस समय दिल्ली में हैं।
