केके सिंह का प्रभारी कुलपति बनना तय! प्रक्रिया शुरू

भागलपुर / पटना

भागलपुर: भागलपुर विवि के सबसे वरीय प्रोफेसर को भागलपुर विवि के कुलपति का प्रभार मिलना लगभग तय हो गया है। वे सामाजिक विज्ञान के डीन भी हैं। राजभवन द्वारा उनको प्रभार दिए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए सोमवार को प्रो. सिंह का पुलिस से चरित्र सत्यापन कराया गया है। बताया गया कि नियुक्ति से पहले इस तरह का सत्यापन कराना प्रक्रिया से जुड़ा हिस्सा है। विवि में भी इसकी चर्चा रही कि पुलिस ने प्रो. सिंह के बारे में यह पड़ताल की कि उनके ऊपर कोई आपराधिक मुकदमा या गड़बड़ी से जुड़ा कोई मामला तो नहीं है।

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भागलपुर विवि के कुलपति प्रो. रमा शंकर दूबे का कार्यकाल छह फरवरी को पूरा हो रहा है। लेकिन राजभवन ने अब तक नियमित कुलपति की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू नहीं की है।

 अभी तक सर्च कमेटी का भी गठन नहीं किया गया है। नियमित कुलपति की नियुक्ति में पहले से ही देरी होने का अनुमान लगाया जा रहा था और माना जा रहा था कि ऐसे में वरीयतम प्रोफेसर को प्रभार मिल सकता है। पिछले दिनों कुलसचिव डा. आशुतोष प्रसाद ने प्रभारी कुलपति की नियुक्ति के लिए राजभवन द्वारा पैनल मांगे जाने पर वरीयतम प्रोफेसरों की सूची उपलब्ध कराई थी, जिसमें प्रो. सिंह का नाम सबसे ऊपर था।

दूसरी तरफ पटना विवि के कुलपति प्रो. वाईसी सिम्हाद्री का कार्यकाल 30 जनवरी तक रहने की स्थिति में वहां के लिए राजभवन द्वारा सोमवार को प्रभारी कुलपति की नियुक्ति की अधिसूचना जारी करने की संभावना को देखते हुए कयास लगाए जा रहे थे कि भागलपुर विवि में भी प्रभारी कुलपति की नियुक्ति की अधिसूचना सोमवार को ही जारी हो सकती है। लेकिन अब तक अधिसूचना जारी नहीं हुई है।

इधर, विवि में दिन भर यह भी चर्चा होती रही कि राजभवन तत्काल थोड़े दिनों के लिए प्रो. रमा शंकर दूबे और प्रो. अवध किशोर राय को एक्सटेंशन भी दे सकता है।