नवगछिया: युवा राजद के प्रदेश प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी अरूण कुमार यादव ने कहा कि बिहार सरकार बेरोजगारों के लिए रोजगार सृजित करने में पूर्णतः विफल साबित हुई। प्रदेश में युवाओं के सामने विकराल समस्या उत्पन्न हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास युवाओं को रोजगार मुहैया कराने के लिए किसी प्रकार रोडमैप नहीं है। इसलिए प्रदेश के सबसे बड़ा संकट बेरोजगारी दूर करने के लिए सरकार अविलंब समग्र नीति तैयार करे।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बिहार में लाखों की संख्या में पढ़े-लिखे युवा विवि से बाहर प्रति वर्ष निकल रहे हैं। उनके सामने रोजगार का संकट है। आम लोग अपना पेट काट कर और बड़ी ही तकलीफ से बच्चों को इस उम्मीद में स्कूल काॅलेज भेजते हैं कि बड़ा होकर वह अच्छी नौकरी पायेगा। लेकिन जब बेतहर शिक्षा के बाद भी उसे नौकरी नहीं मिलती है तो छात्र, युवा निराश और हताश हो रहे हैं।

यह तो पढ़े लिखे युवाओं का संकट है। लघु उद्योग और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए भी सरकार के पास कोई ठोस नीति नहीं रहने के कारण बिहार से शिक्षित और अशिक्षित युवाओं को रोजगार के लिए पलायन जारी है। दूसरे प्रदेशों में भी बिहारियों को रोजगार के लिए दर-दर की ठोकर खाने पड़ते हैं और रोजगार पाने के लिए अपमानित होना पड़ता है।

श्री यादव ने कहा कि नीतीश कुमार की सरकार बताये अपने 12 वर्षों के शासन काल में बिहार में कितने उद्योग धंधे लगे, कितने कल कारखाना खुले, सरकार के सात निश्चय योजना में भी युवाओं को रोजगार मुहैया कराने के लिए समग्र नीति नहीं है। सरकार का सात निश्चयत भी दम तोड़ते नजर आ रही है। जमीन पर कोई काम दिखाई नहीं पड़ता है। सरकार सिर्फ शराबबंदी और बाल विवाह एव ंदहेज प्रथा मुक्ति अभियान में चेहरा चमकाने में जुटी है।
