
नवगछिया : गंगाप्रसाद बांध लक्ष्मीपुर के पास टूटने के कारण आयी बाढ़ के एक महीने गुजरने के बाद भी यहां के लोग अब भी जल-जमाव से परेशान हैं. नवगछिया नगर पंचायत की वार्ड नंबर 23 की स्मिता सिंह बताती हैं, ”चापाकल अब भी डूबा हुआ है. पीने का पानी लाने हमें नाव से जाना पड़ता है. बच्चे अब भी नाव से ही स्कूल जाते हैं. सामने दुर्गापूजा है, लेकिन लगता है कि हमलोग इस बार मेला देख पाएंगे. स्मिता कहती हैं कि बच्चों को नाव से स्कूल भेजते हुए मन में डर बना रहता है क्योंकि पास के एक बच्चे की मौत डूबने से हो गई थी. मालूम हो जल-जमाव के कारण इलाके में बहुत दिनों तक बिजली सप्लाई भी बंद थी. नवगछिया के भाजपा जिला अध्यक्ष बिनोद कुमार मंडल यह दावा करते हैं कि उनकी पार्टी की कोशिशों से बीते हफ़्ते इलाके में बिजली सप्लाई बहाल हुई है. दूसरी ओर नवगछिया अनुमंडल कार्यालय में अभी भी कार्य बंद है. महत्त्वपूर्ण दफ्तरों के अहाते में पानी जमे होने के कारण सामान्य कार्य अब भी शुरू नहीं हो पाया है. स्थानीय प्रशासन द्वारा मोटर पंपों से पानी निकालने की कोशिश की जा रही है, लेकिन इसकी रफ्तार बहुत धीमी है. नवगछिया इलाके के पक्की सड़कों के दोनों ओर बसे कई हिस्से अब भी पानी में डूबे हुए हैं. इन सड़कों पर पूरी जिंदगी आबाद दिखाई देती है. सड़कों पर घर बने हैं, अनाज के भरे ड्रम रखे दिखाई देते हैं, ‘जुगाड़ गाड़ी’ पर बना लोगों का बसेरा भी दिखाई देता है. जगतपुर गांव की रेणु देवी अभी सड़क के किनारे ही सिलाई मशीन लगाकर अपना ‘टेलर’ चला रही हैं. रेणु बताती हैं, ”ठेला पर पन्नी तानी के रहै छिए. घर गिरी गेल छै. काम-धाम तनी-मनी चलै छै. रस्ता-पानी नए छै त लोग कपड़ा सिलाबे ल नै आबे छै.”
