नवगछिया में फिर शुरू हुआ अपराधियों का तांडव, बेखौफ अपराधी दिनदहाड़े चला रहे गोलियां-Naugachia News

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अपराधियों के लिए सेफ जोन बना  नवगछिया

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पुलिस बनी मूकदर्शक

नवगछिया  : नवगछिया में जैसे-जैसे पारा चड रहा है वैसे वैसे अपराधियों का तांडव भी धीरे-धीरे अपने प्रमाण पर है. एक बार फिर नवगछिया पुराने दौड़ में लौटने को तैयार है. अपराधियों का मनोबल एक बार फिर नवगछिया में पैर जमाने को तैयार दिख रहा है. दिनदहाड़े पुलिस की नाक के नीचे अपराधी अपराध को अंजाम देकर बड़ी आसानी से निकल रहे है. जिसकी भनक नवगछिया पुलिस को भी नहीं लग पा रही है. नवगछिया में अपराध पहले की तुलना में अब साइलेंट किलिंग का होते जा रहा है. पुराने दशक में नवगछिया मे अपराधी अपनी हुकूमत के लिए बिना किसी डर भय खुलेआम घटना को अंजाम दिया करते थे. मगर इस दौर में अपराधी अपनी वारदातों को अंजाम देने के लिए साइलेंट कीलिंग का रूप धारण कर रहे हैं. नवगछिया का क्षेत्रफल दियारा इलाकों से घिरा हुआ है. जिसका फायदा अब अपराधी ले रहे हैं. अपराध के लिए उन्हें कहीं बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ रही है. बिना किसी डर भय के अपराध को अंजाम देकर बड़ी आसानी से शव  का ठिकाना उन दियारा इलाकों में लगा रहे हैं. जिसकी पहचान तक पुलिस नहीं कर पा रही है. पुलिस की स्थिति मुकदर्शक सी बनी हुई है. घटना के बाद मौके पर पहुंचकर पुलिस सिर्फ पंचनामा ही कर पा रही है.

नवगछिया में इन दिनों अज्ञात लाशों से नवगछिया पुलिस की नींद हराम हो गई है. अपराधी अपराध को अंजाम देने के लिए नए नुस्खों का इजाद कर रही हैं. वह इतनी आसानी से अपराध को अंजाम देते हैं की हत्या व अन्य घटनाओं के बाद भी पुलिस अपराधी तक पहुंच पाने में सक्षम नहीं हो पा रही है. यहां तक कि पुलिस पीड़ित परिजनों को सांत्वना मात्र ही देकर कारवाई पूरी करने की बात कह रही है.

नवगछिया में अपराधियों का सेफ जोन दियारा का इलाका और आसपास के केला मकई के खेत बने हुए हैं. कुछ दिन पूर्व हत्या कर शव को नवगछिया में ठिकाना लगा दिया गया, मगर अब तक पुलिस शव की पहचान तक नहीं कर पाई है. तो अपराधी तक पहुंच पाना संभव नहीं है. दियारा इलाकों में जहां फसल और जमीन संबंधी मामलों को लेकर अपराधी किसानों को सताने में लगे हैं. वहीं आपसी विवाद को लेकर भी नवगछिया में हत्या का दौर शुरू हो गया है. नवगछिया में सबसे अधिक जमीन संबंधी मामलों को लेकर आए दिन विवाद होता रहता है. जिसको लेकर कई बार लाशें भी गिर चुकी है. नवगछिया पुलिस हर बार अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए टास्क फोर्स और कॉन्बिंग ऑपरेशन चलाती रही है. मगर अपराधियों में इसका कोई प्रभाव नहीं है. पुलिस की कार्रवाई के बाद फिर से अपराधी सक्रिय रूप से अपने-अपने क्षेत्रों में लौट आते हैं.

नवगछिया में कम उम्र के अपराधी बना रहे अपनी पकड

नवगछिया को पुलिस जिला बनने से पहले अपराध जिला के नाम से क्षेत्र में जाना जाता था. जिसके बाद नवगछिया को पुलिस जिला बनाकर अपराधियों पर नकेल कसने के लिए सरकार और पुलिस ने कदम तो उठाया मगर यह सफल नहीं रहा.

कुछ दिनों तक अपराधी अपने-अपने मांदो में घुसे रहे, मगर पुलिस की निष्क्रियता को देख एक बार फिर अपने अपने क्षेत्रों में पैर पसारने लगे. धीरे-धीरे बढ़ते इस दौर में नवगछिया ने कम उम्र के अपराधी अपराध की दुनिया में अपना कदम बढ़ाने लगे हैं. हाल ही में चर्चा में आए पुरुषोत्तम यादव ऊर्फ छोटुवा , कमांडो यादव व सचिन यादव से अपराधी अपराध की दुनिया में धीरे-धीरे अपना सिक्का जमाने में लगे हुए हैं. जिससे नवगछिया में एक बार फिर अशांति का माहौल उत्पन्न हो गया है. बात-बात पर गोली चलाने से क्षेत्र में अपराधियों का मनोबल बढ़ता ही जा रहा है.

क्या कहते हैं डीएसपी

नवगछिया एसडीपीओ मुकुल कुमार रंजन ने कहा कि अपराधियों पर नकेल कसने के लिए पुलिस पूरी मुस्तैदी से काम कर रही है. छापेमारी कर अपराधियों को गिरफ्तार करने का कार्य जारी है. अपराधियों का मनोबल कभी भी बढ़ने नहीं दिया जाएगा.