बिहार का 3 जिले पूर्णिया, भागलपुर और मधेपुरा सीमांत क्षेत्र में ढोलबज्जा बाजार अपनी चमक खो रहा-Naugachia News

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ढोलबज्जा : बिहार का 3 जिले पूर्णिया, भागलपुर और मधेपुरा सीमांत क्षेत्र में ढोलबज्जा बाजार एक समय तीनों जिलों में अपनी चमक बिखेरता था. लेकिन वर्तमान में उपेक्षा का दंश झेलते झेलते ढोलबज्जा बाजार अपनी चमक खो रहा है. मालूम हो कि ढोलबज्जा बाजार नवगछिया इलाके में पड़ता है लेकिन इस बाजार से अभी भी 3 जिलों के सीमांत क्षेत्र में रहने वाले लोगों का प्रत्यक्ष सरोकार है.

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– हर साल 3-4 लाख का राजस्व लाभ देने वाले ढोलबज्जा बाजार में जगह-जगह लगे रहते हैं कूड़े के ढेर तो कहीं बजबजा रहे कीचड़ व जलजमाव से व्यवसायी व अन्य लोग परेशान.

एक समय था जब ढोलबज्जा की जलेबी और झालमुड़ी प्रसिद्ध हुआ करता था. दूरदराज के लोग और राहगीर यहां आकर ढोलबज्जा के लजीज व्यंजनों का आनंद लेते थे और यहां क्या स्थानीय लोगों की प्रशंसा करते नहीं थकते थे. लेकिन वर्तमान में ढोलबज्जा की स्थिति इतनी नारकीय हो गई है कि बजबजाते कीचड़ के बीच लोगों का पल भर भी ठहरना नामुमकिन लगता है.

राहगीर व व्यवसाय परेशान हैं

ढोलबज्जा बाजार को एक भी बुनियादी सुविधा नहीं मिलने से बाजार वासियों व अन्य लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. बाजार के बीच गांधी चौक के पास जगह-जगह लगा रहता है कूड़े के ढेर तो उधर भगत सिंह चौक व महादलित टोले के पास बजबजा रहे कीचड़ व जलजमाव से व्यवसाई व अन्य राहगीर काफी परेशान हैं. जबकि हर साल ढोलबज्जा बाजार की डाक यानि बिक्री होती है. जिसमें सरकार को 3-4 लाख का राजस्व लाभ होते हैं. फिर भी यहां ना तो कोई कूड़ा उठाने वाला है ना ही अब तक नाली का निर्माण हो पाया है. जिससे बाजार में जगह-जगह लगे कूड़े के अंबार व कीचड़ की बदबू से आम जनजीवन परेशान रहते हैं.

वहीं फल व साग सब्जी व्यवसाई पन्नालाल व पंकज कुमार ने बताया- हम लोग हटिया मालिक को हर सोमवार एवं शुक्रवार को 25-25 रुपये व अन्य दिनों में 20-20 रुपए करके देते हैं. यहां सोमवार व शुक्रवार के दिन बाजार में काफी भीड़ होती है जहां हर तरफ गंदगी व कूड़े रहने से ग्राहक नहीं पहुंच पाते हैं जिससे बिक्री कम होने से अच्छी आमदनी भी नहीं हो पाती है. पहले स्थानीय लोगों द्वारा कूड़ा उठाया जाता था जिसके लिए अलग से हर बाजार वासियों ने दो रुपये करके कूड़ा उठाने वाले को देता था. अब वह भी नहीं हो पा रहा है जिससे परेशानी बढ़ गई है. वही बाजार में सांसद निधि कोष से हो रहे नाली का निर्माण कार्य भी संवेदक द्वारा आधा अधूरा छोड़ दिया गया है. जिससे और जलजमाव व कीचड़ की समस्या हो गई है.

कहती है जिला पार्षद

जिला परिषद सदस्या नंदिनी सरकार ने बताई बाजार के भगत सिंह चौक से लेकर मीणा साड़ी हाउस के बीच ज्यादा जलजमाव की समस्या होती है इस बीच करीब 400 मीटर सड़क निर्माण कार्य होने हैं जिसके लिए सारी विभागीय प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. सिर्फ डीडीसी से प्रशासनिक नहीं मिल पाई है. उनसे मिलने गया था वह अभी किसी आवश्यक काम से बाहर हैं. आने के बाद जल्द ही उनसे प्रशासनिक आदेश लेकर सड़क निर्माण कार्य करा लिया जाएगा. उसके बाद यहां जलजमाव की समस्या से निजात मिल जाएंगे. वहीं बाजार के दक्षिण तरफ अर्धनिर्मित पडा नाली के निर्माण से जलजमाव की समस्या हो रही है. नाली बन जाने से वह भी समस्या दूर हो जाएगी.

कहते हैं हाट मालिक

हटिया मालिक योगेंद्र यादव से पूछे जाने पर उन्होंने बताया- गांव के ही महादलित से हमेशा साफ सफाई करवाया जाता था. जिसका कूडा उठाने वाला ठेला टूट गया है. उसे बनाने के लिए ₹800 दिया गया है लेकिन वह 15-20 दिन से पैसा लेकर कहीं फरार है. यदि वह नहीं आते हैं तो कल यानि गुरुवार के दिन किसी को उचित मजदूरी देकर बाजार से सारे कूड़े उठवा कर बाहर फेंक दिया जाएगा.

कहते हैं मुखिया

ढोलबज्जा पंचायत के मुखिया राज कुमार मंडल उर्फ मुन्ना मंडल ने कहा कि बाजार की समस्या को लेकर वरिष्ठ पदाधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया गया है जल्द ही बाजार का सौंदर्यीकरण किया जाएगा और बाजार को पुराने रुतबे में लाने का हर संभव प्रयास किया जाएगा.