नवगछिया : नवगछिया नगर पंचायत चुनाव में आरोप प्रत्यारोप का भी बाजार पूरी तरह से गर्म रहा. वार्ड नंबर 23 के निवर्तमान वार्ड पार्षद व वार्ड नंबर 22 के चुनाव लड़ रहे भाजपा के जिलाध्यक्ष विनोद कुमार मंडल ने कहा कि चुनाव में पुलिसिंग नाम की कोई चीज नहीं दिखी. तीन दिन से उनके प्रतिद्वंदी प्रत्याशी द्वारा मछली, पैसा आदि दे कर मतदाताओं को लुभाने का काम किया जा रहा है.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
लेकिन पुलिस को सूचना देने के बाद भी किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई. इधर एक अन्य प्रत्याशी भाजपा के पूर्व नगर अध्यक्ष नरेश प्रसाद साह ने भी विरोधी प्रत्याशियों के विरोध में जम कर भरास निकाला. वार्ड नंबर 13 के प्रत्याशी जदयू के नगर अध्यक्ष प्रकाश राय ने भी कहा कि चुनाव में पैसे का खेल खुल कर हुआ है. लोगों के वोट खरीदने का प्रयास किया गया है.
देर शाम शुरू हुआ जीत का दावा

नवगछिया नगर पंचायत में चुनाव संपन्न होते ही जीत हार का दावा शुरू हो गया है. प्रत्याशी व उनके समर्थक एक जगह बैठक कर अपनी गणित फिट कर रहे हैं और अपनी जीत सुनिश्चित कह रहे हैं. जबकि इसी पद से चुनाव लड़ रहे दूसरे प्रत्याशी अमुक प्रत्याशी के गणित हो पागलपन कह कर अपनी जीत तय बता रहे हैं.
कई दिग्गजों की डूब सकती है नैया
चुनाव के बाद कयास लगाया जा रहा है कि इस बार नवगछिया नगर पंचायत में अधिकांश जगहों से नये चेहरे सामने आयेंगे. लोग कह रहे हैं कि कई दिग्गजों को मतदाताओं ने नकार दिया है. हालांकि इसका खुलासा महज एक दिन बाद यानी 23 मई को मतगणना के बाद ही हो जाना है. प्रबुद्ध मतदाताओं ने कहा कि इस बार लोगों में चुनाव लड़ने की दिलचस्पी बढ़ी है. पूर्व के चुनाव में कुल 23 वार्ड में सौ प्रत्याशी भी अपनी दावेदारी नहीं दे पाते थे लेकिन इस बार 23 पदों पर कुल 144 प्रत्याशी मैदान में है. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि आम लोगों में उक्त चुनाव को लड़ने के प्रति दिलचस्पी बढ़ी है. लोग यह भी कह रहे हैं कि इस बार की नगर सरकार नवगछिया के भविष्य के लिए मील का पत्थर साबित होगा.
वोट त देलियै लेकिन केकरा देलियै पता नय चलले
नगर पंचायत के एक वार्ड में करीब सात प्रत्याशी मैदान में हैं. ऐसे में एक 60 वर्षीय वृद्धा मतदान करने के बाद जब केंद्र से बाहर निकली तो प्रत्याशी समर्थकों के एक दल ने उन्हें ठंडा का आफर किया. ठंडा पीकर वृद्धा चलने को हुई तो समर्थकों ने पूछा कि वोट केकरा देलोह मामा, वृद्धा ने कहा कि वोट देलियै, केकरा देलियै पता नय चलले, चश्मा घरे छुटी गेले कुच्छु झलकै नय रहै. प्रत्याशी समर्थक वृद्धा की बात सुन कर ठगे से खड़े रह गये. कुछ दूर निकल जाने के बाद जव संवाददाता ने पूछा सही में आप नहीं जानते हैं किसको वोट दिया तो इस पर वृद्धा ने कहा कि जें ठंडा पिलैलकै ओकरो छाप यानी चुनाव चिन्ह पता नै रहै. की कहतियै. वोट त दू नंबर के छाप पर फलनमा का ही देलियै
